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IAS सोनिया मीणा (Img- X)
New Delhi: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करना देश के लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन इस सपने को पूरा करने के लिए मेहनत, अनुशासन और सही दिशा की जरूरत होती है। राजस्थान की बेटी सोनिया मीणा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी के दम पर उन्होंने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 36 हासिल की। आज उनका सफर सिविल सेवा में जाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणा है।
सोनिया मीणा 2013 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और प्रशासनिक कार्यशैली से अलग पहचान बनाई है। खास तौर पर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई और कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर उनकी चर्चा होती रही है। एक सामान्य शैक्षणिक सफर से सिविल सेवा तक पहुंचने वाली उनकी कहानी बताती है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण सफलता की राह आसान कर सकता है।
सोनिया मीणा मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली हैं। उनके पिता टीका राम मीणा भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं। वह 1988 बैच के IAS अधिकारी थे और केरल कैडर में सेवाएं दे चुके हैं। परिवार में जनसेवा की परंपरा ने सोनिया को भी प्रशासनिक सेवा की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इसी प्रेरणा को अपना लक्ष्य बनाया और सिविल सेवा में जाने की तैयारी शुरू कर दी।
सोनिया मीणा ने उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली का रुख किया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR) से राजनीति विज्ञान में ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से पोस्टग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के इसी दौर में उन्होंने यूपीएससी की तैयारी पर भी ध्यान देना शुरू कर दिया। कॉलेज की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के बीच संतुलन बनाना उनके सफर का अहम हिस्सा रहा।
यूपीएससी की तैयारी करने वाले कई उम्मीदवार महंगी कोचिंग का सहारा लेते हैं, लेकिन सोनिया मीणा ने सेल्फ स्टडी को प्राथमिकता दी। उन्होंने कॉलेज के समय से ही परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। वर्ष 2013 में उन्होंने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली और ऑल इंडिया रैंक 36 हासिल की। इस उपलब्धि के बाद उनका चयन IAS के लिए हुआ और उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला।
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सोनिया मीणा ने मध्य प्रदेश में अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। नर्मदापुरम, जिसे पहले होशंगाबाद कहा जाता था, की कलेक्टर के रूप में भी उन्होंने काम किया। उनके कार्यकाल में जनसेवाओं, विकास योजनाओं की निगरानी और प्रशासनिक अनुशासन पर जोर रहा। अप्रैल 2026 में उन्हें मध्य प्रदेश सरकार के वित्त विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई।
सोनिया मीणा की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है जो सीमित संसाधनों में यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ कठिन परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की जा सकती है।
Location : New Delhi
Published : 23 October 2026, 10:16 AM IST