Promotion of Equity Regulations-2026: क्या सामान्य वर्ग के छात्र होंगे प्रभावित? जानिए पूरा अपडेट

UGC की प्रस्तावित Promotion of Equity Regulations-2026 को लेकर छात्रों और संगठनों में विरोध तेज हो गया है। ज्ञापन में इसे भेदभावपूर्ण बताया गया। नियमावली लागू होने पर छात्रों के अधिकारों और शिक्षा पर क्या असर होगा, यह सवाल उठा है।

Updated : 23 January 2026, 3:18 PM IST
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Mainpuri: UGC द्वारा प्रस्तावित Promotion of Equity Regulations-2026 को लेकर छात्रों और सामाजिक संगठनों में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। मैनपुरी के छात्रों और नागरिक संगठनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजकर इस नियमावली को तुरंत वापस लेने की मांग की है। ज्ञापन में इसे काला कानून बताते हुए सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए भेदभावपूर्ण और दमनकारी करार दिया गया है।

नियमावली को बताया संविधान के खिलाफ

ज्ञापन में कहा गया है कि यह प्रस्तावित नियमावली संविधान की मूल भावना के विपरीत है। ज्ञापनकर्ताओं का कहना है कि इसमें SC/ST के साथ OBC वर्ग को भी शामिल किया गया, जिसे उन्होंने गैर-संवैधानिक बताया है। उनका आरोप है कि इस कदम से सामाजिक संतुलन बिगड़ेगा और सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों का हनन होगा।

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झूठी शिकायतों पर दंड हटाने से बढ़ सकती फर्जी शिकायतें

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि नियमावली में झूठी शिकायतों पर दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान हटा दिया गया है। इसके कारण फर्जी शिकायतों को बढ़ावा मिलेगा। छात्रों ने कहा कि इससे शिक्षण संस्थानों में भय का माहौल बनेगा और छात्र अपनी स्वतंत्रता और सुरक्षा के बारे में चिंतित रहेंगे।

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UGC नियमावली पर छात्रों में बढ़ा विरोध

Equity Committee में सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व समाप्त

एक अन्य गंभीर बिंदु में कहा गया कि शिकायतों की जांच Equity Committee द्वारा की जाएगी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इसमें सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व लगभग समाप्त कर दिया गया है। इससे छात्रों को उत्पीड़न और पक्षपात का सामना करना पड़ सकता है। इसके कारण छात्रों की पढ़ाई, मानसिक शांति और शिक्षा के अधिकार पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

अस्पष्ट शब्दों का दुरुपयोग

ज्ञापन में यह भी उठाया गया कि नियमावली में "मानसिक शोषण" और "प्रतिहिंसक व्यवहार" जैसे अस्पष्ट शब्द शामिल किए गए हैं। छात्रों और संगठनों का कहना है कि इन शब्दों का दुरुपयोग आसानी से किया जा सकता है। इससे शिक्षण संस्थानों में मनमानी कार्रवाई और अनुचित दंड की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

राष्ट्रपति से की गई अपील

ज्ञापन में राष्ट्रपति से अपील की गई है कि देश के सभी छात्रों के हित में UGC Promotion of Equity Regulations-2026 को तत्काल रोका और वापस लिया जाए। ज्ञापनकर्ताओं ने कहा कि ऐसा करने से सभी वर्गों के छात्रों को बिना भय और भेदभाव के शांतिपूर्ण शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित होगा।

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छात्रों और संगठनों की प्रतिक्रिया

मैनपुरी के छात्रों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह नियमावली शिक्षा और स्वतंत्रता पर बड़ा असर डाल सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसे लागू किया गया तो विरोध और आंदोलनों का दौर शुरू हो सकता है। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने न केवल नियमावली के विरोध का संदेश दिया है बल्कि न्यायपूर्ण शिक्षा के लिए प्रशासन और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग भी की है।

Location : 
  • Mainpuri

Published : 
  • 23 January 2026, 3:18 PM IST

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