US- Iran War: बिना बम गिराए ही ईरान को झुका देंगे ट्रंप? होर्मुज नाकेबंदी पर अड़े अमेरिकी राष्ट्रपति, समझौते की उम्मीदें धराशायी

US- Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से नाकेबंदी हटाने के ईरानी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि परमाणु मुद्दे पर बिना ठोस समझौते के दबाव कम नहीं किया जाएगा। ईरान के ऊर्जा क्षेत्र और तेल निर्यात पर बढ़ते संकट के बीच वैश्विक बाजार में हलचल तेज है।

Updated : 30 April 2026, 8:11 AM IST
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New Delhi: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध (2026 Iran War) के बीच तनाव और गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए ईरान द्वारा दिए गए समझौते के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप का स्पष्ट कहना है कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़े फैसले नहीं लेता, तब तक समुद्री नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि आर्थिक दबाव के कारण ईरान का ऊर्जा ढांचा अब 'विस्फोटक' स्थिति में पहुंच चुका है।

'बमबारी नहीं, नाकेबंदी से घुट रहा है ईरान': ट्रंप का सख्त संदेश

एक हालिया इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्तमान नाकेबंदी सीधी बमबारी से भी अधिक प्रभावी साबित हो रही है। उनके अनुसार, तेल निर्यात न कर पाने की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था और उसका एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर चरमरा गया है।

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ट्रंप ने कहा, "वे (ईरान) अब समझौते के लिए छटपटा रहे हैं, लेकिन हम जल्दबाजी में नहीं हैं। हमारा मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।"

तेल संकट और 'दोहरी नाकेबंदी' का वैश्विक असर

बता दें कि फरवरी 2026 से जारी इस संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मची है। जहाँ एक तरफ ईरान ने होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा रखे हैं, वहीं अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की 'काउंटर-ब्लॉकैड'  कर रखी है।

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इस 'दोहरी नाकेबंदी' ने दुनिया के 20% तेल और गैस की सप्लाई को प्रभावित किया है। पाकिस्तान के जरिए बातचीत का जो रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही थी, वह भी फिलहाल ट्रंप के सख्त रुख के कारण ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है।

Location :  New Delhi

Published :  30 April 2026, 8:01 AM IST

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