रोबोट की रफ्तार का कमाल: 9.39 सेकंड में पूरी की रेस, दुनिया रह गई हैरान

दुनिया के सबसे तेज धावक उसैन बोल्ट का 100 मीटर दौड़ का रिकॉर्ड अब एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने तोड़ दिया है। चीन के तियांगोंग अल्ट्रा रोबोट ने बीजिंग में आयोजित वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में 100 मीटर की रेस सिर्फ 9.39 सेकंड में पूरी कर नया इतिहास रच दिया।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 23 August 2026, 6:27 PM IST
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New Delhi: दुनिया की सबसे तेज दौड़ का रिकॉर्ड अब इंसान के पास नहीं रहा। जिस 100 मीटर रेस में अब तक महान धावक उसैन बोल्ट का दबदबा कायम था, उसी रिकॉर्ड को अब एक मशीन ने तोड़ दिया है। चीन के एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने ऐसी रफ्तार दिखाई कि इंसानी क्षमता भी पीछे छूट गई। बीजिंग में आयोजित वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में तियांगोंग अल्ट्रा नाम के रोबोट ने 100 मीटर की दौड़ महज 9.39 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड बना दिया। यह समय उसैन बोल्ट के 9.58 सेकंड के विश्व रिकॉर्ड से भी कम है।

शुरुआत में पीछे, आखिरी सेकंड में दिखाया दम

तियांगोंग अल्ट्रा की रेस काफी दिलचस्प रही। शुरुआत में यह रोबोट दूसरे प्रतियोगियों से पीछे चल रहा था, लेकिन जैसे-जैसे दौड़ आगे बढ़ी, उसने अपनी रफ्तार बढ़ाई और आखिरी हिस्से में जबरदस्त तेजी दिखाते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया। इस रेस में ऑनर कंपनी के ह्यूमनॉइड रोबोट 'लाइटनिंग' ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उसने 100 मीटर की दूरी 9.47 सेकंड में पूरी की, जो बोल्ट के रिकॉर्ड से भी तेज है।

तेज रफ्तार के बाद नियंत्रण बना चुनौती

हालांकि रोबोटों ने दौड़ने की क्षमता में बड़ा कारनामा कर दिखाया, लेकिन रेस खत्म होने के बाद उनकी सीमाएं भी सामने आ गईं। तियांगोंग अल्ट्रा तेज गति में दौड़ते हुए सुरक्षा के लिए लगाए गए मोटे मैट से जा टकराया और लड़खड़ाने लगा। वहीं लाइटनिंग भी दौड़ पूरी करने के बाद अपना संतुलन नहीं बना पाया और जमीन पर गिर गया। उसे बाद में स्ट्रेचर की मदद से हटाया गया। इससे साफ है कि रोबोट तेज दौड़ तो सकते हैं, लेकिन तेज गति के बाद खुद को नियंत्रित करना अभी भी बड़ी चुनौती है।

एक साल में आधे से भी कम हुआ समय

तियांगोंग अल्ट्रा की उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि पिछले साल इसी प्रतियोगिता में उसने 100 मीटर दौड़ पूरी करने में 21.50 सेकंड का समय लिया था। सिर्फ एक साल में उसका प्रदर्शन कई गुना बेहतर हो गया और उसका समय आधे से भी कम रह गया। वहीं प्रतियोगिता से पहले हुए एक टेस्ट में ऑनर का लाइटनिंग रोबोट 9.32 सेकंड का समय दर्ज कर चुका था। कंपनी के अनुसार उस दौरान उसकी अधिकतम रफ्तार करीब 14.5 मीटर प्रति सेकंड रही थी।

16 देशों के 2056 रोबोटों ने लिया हिस्सा

बीजिंग में आयोजित वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स केवल दौड़ तक सीमित नहीं हैं। इस प्रतियोगिता में फुटबॉल, टेबल टेनिस, डांस, भार उठाने और औद्योगिक कामों से जुड़ी कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। इस बार प्रतियोगिता में 16 देशों की 666 टीमें और कुल 2,056 रोबोट हिस्सा ले रहे हैं। इसमें जर्मनी, जापान और अमेरिका जैसे देश भी शामिल हैं।

रोबोट तकनीक में चीन की बड़ी छलांग

चीन ह्यूमनॉइड रोबोट तकनीक को सिर्फ प्रयोग नहीं बल्कि भविष्य के रणनीतिक उद्योग के रूप में देख रहा है। निवेशकों की दिलचस्पी भी इस क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ह्यूमनॉइड रोबोट अभी बड़े पैमाने पर आम इस्तेमाल के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। फिलहाल इनका उपयोग शोध, प्रदर्शन और तकनीकी परीक्षणों तक सीमित है। फिर भी बीजिंग की इस दौड़ ने यह साबित कर दिया है कि मशीनें अब सिर्फ इंसानों की नकल नहीं कर रहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में उन्हें चुनौती देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। आने वाले समय में यही तकनीक फैक्ट्रियों, डिलीवरी सिस्टम, गोदामों और घरेलू कामों में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  23 August 2026, 6:27 PM IST

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