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इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश सफल नहीं होगी।
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Image Source: Google)
New Delhi: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण हालात के बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अब दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।
नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल की कार्रवाई के बाद ईरान की यूरेनियम संवर्धन और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि इज़राइलअपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी ताकत से आगे बढ़ रहा है।
नेतन्याहू ने साफ किया कि इस संघर्ष में इजरायल के तीन मुख्य उद्देश्य हैं। पहला, ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त करना। दूसरा, बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करना। और तीसरा, ईरानी जनता के लिए ऐसे हालात बनाना जिससे वे अपनी आजादी हासिल कर सकें।
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उन्होंने कहा कि इजरायल लंबे समय से चेतावनी देता रहा है कि ईरान का मिसाइल प्रोग्राम वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। अगर इसे समय रहते नहीं रोका गया, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
इजरायली प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि ईरान अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ हार्मुज को बंद करने की धमकी देकर दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम रास्ता है और इसे बाधित करने की कोशिशों को विफल किया जाएगा।
नेतन्याहू ने बताया कि अमेरिका के साथ मिलकर इजरायल इस मार्ग को खुला रखने के प्रयासों में सहयोग कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियारों से लैस मिसाइलें होतीं, तो वह पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन सकता था।
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नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा कि इजरायल इस संघर्ष में बढ़त बनाए हुए है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडार को भारी नुकसान पहुंचाया गया है और उसकी हवाई रक्षा प्रणाली भी कमजोर हो चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा किडोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिका और इजरायल मिलकर इस चुनौती का सामना कर रहे हैं। नेतन्याहू ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा, "हम जीत रहे हैं और अभी बहुत काम बाकी है, जिसे हम पूरा करेंगे।"
इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि दुनिया की नजरें अब इस संघर्ष के अगले कदम पर टिकी हैं।