Nepal Flood: नेपाल में तबाही का दिलदहलाने वाला मंजर, मौतों का आंकड़ा करीब 157 पहुंचा, 750 लापता

नेपाल में जलप्रलय ने तबाही मचा रखी है। मरने वालों का आकंडा लगातार बढ़ता जा रहा है। सैकड़ों लोग लापता हैं जिसमें कई भारतीय भी है। बाढ़ ने नेपाल के कई कस्बों और गांवों को बुरी तरह तबाह कर दिया। कई अहम पुल पानी में बह गए। करीब 12 जलविद्युत परियोजनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 27 August 2026, 1:37 AM IST
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Kathmandu: तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई, इस प्राकृतिक आपदा में अभी तक करीब  150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई करीब 750 लोग लापता हैं। इस महाविनाशकारी आपदा के कारण नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही मची है। पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।

जानकारी के अनुसार तिब्बत से अचानक आई बाढ़ ने बुधवार को मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 750 से अधिक लोग लापता हैं। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बाढ़ में कई महत्वपूर्ण पुल बह गए और करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।

नेपाल में महाप्रलय

133 भारतीय भी लापता

नेपाल में लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लोगों की है. नेपाल पर्यटन बोर्ड की शुरुआती जानकारी में सैकड़ों यात्रियों के लापता होने की बात सामने आई है. आंकड़े राहत-बचाव अभियान के साथ बदल सकते हैं।

बचाव अभियान जारी

नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की टीमें प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान चला रही हैं. सेना ने हेलीकॉप्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालना शुरू किया है. घायलों के इलाज के लिए मेडिकल टीमें भी तैनात हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कई लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.

जलप्रलय ने मचाई तबाही

क्यों आई नेपाल में बाढ़?

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, चट्टान खिसकने और नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बहने वाली ल्हेंदे नदी में पानी बढ़ने के कारण रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर टिमुरे में भोटे कोशी नदी के रास्ते बाढ़ का पानी त्रिशूली नदी में पहुंचा।

इसके बाद बाढ़ नदी के रास्ते नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी पूर्व जैसे अन्य जिलों तक फैल गई। ये इलाके काठमांडू से करीब 70 किलोमीटर से लेकर लगभग 200 किलोमीटर तक की दूरी पर हैं।

हिमस्खलन से भोटे कोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंडे का मार्ग बंद हो गया था, जिससे यह बाढ़ आई। बाढ़ ने सबसे पहले चीन की सीमा के पास रसुवागढ़ी के नजदीक तिमुरे को अपनी चपेट में लिया। यहां सैकड़ों लोग रहते थे। बाढ़ आने से पहले ही इस बस्ती का बड़ा हिस्सा बह गया। इसके बाद पानी तेजी से नीचे की ओर बढ़ा।

नेपाल सरकार ने बताया कि 100 से ज्यादा शव बरामद किए गए हैं और करीब 750 से ज्यादा लोग लापता हैं। वहीं, चीन के सरकारी समाचार चैनल सीजीटीएन ने बताया कि सीमा के चीनी हिस्से में तीन लोगों की मौत हुई है और 265 लोग लापता हैं। प्रभावित इलाकों के वीडियो में कीचड़, चट्टानों और मलबे के साथ तेज बहाव का पानी दिखाई दे रहा है। लोग बाढ़ के पानी से बचने के लिए भागते नजर आए। पानी इमारतों और वाहनों की ओर तेजी से बढ़ रहा था।

Location :  Kathmandu

Published :  27 August 2026, 1:27 AM IST

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