Iran Israel War: मिडिल ईस्ट जंग में नया मोड़, ऑस्ट्रेलिया ने ली एंट्री; क्या अब बढ़ेगा युद्ध का दायरा?

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग छठे दिन भी जारी है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया ने मिडिल ईस्ट में सैन्य मदद भेजी है। यहां पढ़िये पूरी खबर

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 5 March 2026, 12:46 PM IST
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Tehran: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का आज छठा दिन है। इस दौरान अमेरिकी हमलों पर ईरान के प्रतिवाद ने मिडिल ईस्ट के कई क्षेत्रों को तनावपूर्ण बना दिया है। अब तक इस संघर्ष में 1,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और कई नागरिक प्रभावित हुए हैं। इन्हीं हमलों के बीच ऑस्ट्रेलिया ने एक बड़ा बयान जारी किया है।

ऑस्ट्रेलिया ने मिडिल ईस्ट में भेजी सैन्य मदद

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने घोषणा की है कि सुरक्षा और एहतियात के तौर पर ऑस्ट्रेलिया मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मदद भेज रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो मिलिट्री प्लेन पहले ही क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इनका मिशन और क्षमता क्या होगी।

अमेरिकी और इजराइली हमले

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरानी नौसैनिक ताकतों पर हमला किया है। अब तक 20 ईरानी जहाज डुबाए गए हैं। इस कदम से क्षेत्रीय जलमार्गों में अस्थिरता बढ़ गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।

Middle East Crisis

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ईरान का पलटवार

ईरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब देते हुए मिडिल ईस्ट के 9 देशों में बने अमेरिकी बेस पर हमला किया। ईरानी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि यदि अमेरिका और इजराइल ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करेंगे, तो ईरान इजराइल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है।

लेबनान में शरणार्थी कैंप पर हमला

इजराइल ने लेबनान के त्रिपोली शहर में स्थित बेद्दावी फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर हमला किया। यह कैंप उत्तरी लेबनान का सबसे बड़ा शरणार्थी केंद्र माना जाता है। हमले से वहां भय और दहशत फैल गई है, और कई घरों को नुकसान पहुंचा।

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अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच यह संघर्ष मिडिल ईस्ट की स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। क्षेत्रीय देशों को युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता है।

Location : 
  • Tehran

Published : 
  • 5 March 2026, 12:46 PM IST

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