Iran Israel War: खामोशी के बीच बड़ा दावा, ट्रंप बोले- ईरान के पास 11 परमाणु बमों जितना यूरेनियम

ईरान-इजरायल युद्ध ने मिडिल ईस्ट को जंग के मुहाने पर ला खड़ा किया है। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत, अमेरिका के हमले और ट्रंप के 11 परमाणु बम वाले दावे ने वैश्विक तनाव बढ़ा दिया है। तेल कीमतों में उछाल से भारत समेत दुनिया प्रभावित।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 3 March 2026, 10:17 AM IST
google-preferred

Washington: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरे मिडिल ईस्ट को हिला दिया है। बताया जा रहा है कि इजरायल और अमेरिका के ताबड़तोड़ हमलों के बीच यह घटना हुई। खामेनेई की मौत ने क्षेत्रीय संतुलन को पूरी तरह बदल दिया है और हालात तेजी से युद्ध की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।

एक ओर जहां इजरायल और अमेरिका ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, वहीं ईरान ने भी जोरदार पलटवार शुरू कर दिया है। ईरान की मिसाइलों ने दुबई, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे खाड़ी देशों के आसमान को लाल कर दिया। इन देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डे मौजूद हैं, जिससे संघर्ष का दायरा और व्यापक हो गया है।

व्हाइट हाउस से सख्त संकेत

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा था। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के पास 60 प्रतिशत तक समृद्ध 460 किलोग्राम यूरेनियम मौजूद है, जिससे 11 परमाणु बम बनाए जा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस स्तर के यूरेनियम को एक सप्ताह या 10 दिनों में 90 प्रतिशत तक संवर्धित किया जा सकता है।

ईरान संकट पर सपा सांसद का वार: भारतीयों की सुरक्षित वापसी पर केंद्र से जवाब तलब, जानिये क्या कहा…?

परमाणु कार्यक्रम पर बड़ा दावा

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान को 10 वर्षों तक संवर्धन न करने के बदले ईंधन लागत देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन तेहरान ने इसे खारिज कर दिया। अमेरिकी पक्ष का आरोप है कि ईरान ने वार्ता के दौरान ही अपने परमाणु इरादों को स्पष्ट कर दिया था। हालांकि ईरान पहले भी अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बताता रहा है।

Middle East Crisis

ईरान पर ताबड़तोड़ हमले (Img- Internet)

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

इस युद्ध का असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है, जिससे भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। शेयर बाजारों में अस्थिरता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर खतरा मंडरा रहा है।

ईरान पर हमले के बाद छिड़े युद्ध का असर: जंग की आग में फंसा मेरठ का एक्सपोर्ट, हजारों करोड़ का माल अटका

शिक्षा और आम जीवन प्रभावित

मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण भारतीय छात्रों पर भी असर पड़ा है। कई जगहों पर परीक्षाएं टाल दी गई हैं और भारतीय दूतावास हालात पर नजर बनाए हुए हैं। खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति की अपील कर रहा है। आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

Location : 
  • Washington

Published : 
  • 3 March 2026, 10:17 AM IST

Advertisement
Advertisement