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अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर भारत ने संवेदना व्यक्त की। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास जाकर कंडोलेंस बुक में हस्ताक्षर किए। इस बीच अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग और ईरानी युद्धपोत पर हमला दुनिया भर की निगाहें खींच रहा है।
भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आज नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए
New Delhi: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच भारत का रुख अब सामने आया है। नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी पहुंचे और दिवंगत ईरानी नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कंडोलेंस बुक पर हस्ताक्षर कर भारत सरकार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।
भारत ने अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरान के दूतावास में रखी कंडोलेंस बुक पर हस्ताक्षर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी #AliKhamenei #VikramMisri #IranEmbassy #Iran #IranWar #IndiaCondolences pic.twitter.com/GM2BJUMVTu
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 5, 2026
खामेनेई की मौत और अंतरराष्ट्रीय घटना
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच यह जंग छठे दिन भी जारी है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में खामेनेई की मौत हुई, जिसकी आधिकारिक घोषणा ईरान ने अगले दिन की थी। खामेनेई के निधन के बाद दुनिया भर के कई देशों ने शोक संदेश भेजे।
ईरानी युद्धपोत पर हमला
इस बीच, अमेरिका ने बुधवार को भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया। श्रीलंका की नौसेना के अनुसार अब तक 87 शव बरामद किए गए हैं, जबकि 32 लोग बचाए गए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 60 लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। यह जहाज 18 फरवरी को भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) और MILAN-2026 मल्टीलेटरल नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेने आया था और 25 फरवरी को भारत से रवाना हुआ था। जब इस पर हमला हुआ, वह दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील (करीब 75 किलोमीटर) दूर था।
अमेरिका की नौसैनिक कार्रवाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार है जब अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो ने किसी जहाज को युद्ध में निशाना बनाया। अमेरिका अब तक ईरान के करीब 20 वॉरशिप को समुद्र में डुबा चुका है।
भारत का रुख और मध्य पूर्व की स्थिति
विदेश सचिव के दौरे और कंडोलेंस बुक पर हस्ताक्षर से भारत ने स्पष्ट किया कि वह खामेनेई के निधन पर संवेदना रखता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है, और अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच जंग का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।