Hormuz Strait Crisis: ओमान के नए समुद्री रूट पर भड़का ईरान, मिसाइल हमले की धमकी से फिर बढ़ा तनाव

होर्मुज स्ट्रेट में ओमान द्वारा बनाए गए नए शिपिंग रूट पर ईरान भड़क गया है। IRGC ने जहाजों को अपनी मिसाइल रेंज में होने की धमकी देते हुए साफ किया है कि ईरानी अधिकारियों द्वारा तय रास्तों के अलावा किसी भी अन्य मार्ग से जाना खतरनाक होगा।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 26 June 2026, 10:31 AM IST
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Tehran: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुई शांति वार्ता के बाद रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) भले ही व्यापार के लिए खुल गया हो, लेकिन इस अहम जलमार्ग पर स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है। युद्ध से पहले की तुलना में यहाँ से जहाजों की आवाजाही के नियमों में बड़ा बदलाव आया है। ईरान पहले ही यह साफ कर चुका है कि होर्मुज में युद्ध से पहले जैसी स्थिति अब कभी नहीं होगी।

इसी कड़ी में गुरुवार (25 जून) को ओमान द्वारा अमेरिका के सहयोग से एक नए समुद्री रूट को एक्टिवेट करने के फैसले पर ईरान बुरी तरह भड़क गया है। ईरान ने ओमान की ओर से आ रहे एक जहाज को अपनी मिसाइल की रेंज में होने की सीधी धमकी दे डाली है, जिससे इस क्षेत्र में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।

IRGC की खुली चेतावनी: 'हमारे तय रास्तों से ही गुजरें जहाज'

ईरान की शक्तिशाली सैन्य शाखा 'इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) की नौसेना ने इस मामले पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। आईआरजीसी ने अपनी आधिकारिक समाचार वेबसाइट 'सेपाह न्यूज' पर एक बयान जारी करते हुए दो टूक कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए केवल वही रास्ते मान्य और वैध होंगे, जो ईरानी अधिकारियों द्वारा तय किए गए हैं।

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ईरानी नौसेना ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि तय किए गए अंतरराष्ट्रीय और ईरानी रास्तों के अलावा किसी भी अन्य नए रूट से जहाजों का आना-जाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है और इसकी परमिशन किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी।

शांति समझौते के बीच ओमान का नया दिशा-निर्देश

ईरान का यह आक्रामक बयान ऐसे समय में आया है, जब ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के साथ हुए एक समझौते के तहत होर्मुज स्‍ट्रेट से बाहर जाने वाले तेल टैंकरों और कॉमर्शियल जहाजों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। यह नया रूट ओमान ने अपने तटीय इलाकों की सुरक्षा और जहाजों की सुगम आवाजाही के लिए तैयार किया था।

गौरतलब है कि इससे ठीक पहले, 18 जून को ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता हुआ था, जिसके तहत ईरान ने वादा किया था कि वह 60 दिनों तक बिना किसी शुल्क के कॉमर्शियल जहाजों को इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने देगा।

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संयुक्त बयान के बाद भी नहीं थमा विवाद

हैरानी की बात यह है कि बीते मंगलवार को ही ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान जारी किया था। इस बयान में दोनों देशों ने कहा था कि वे होर्मुज स्‍ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के भविष्य के प्रबंधन को लेकर आपस में बातचीत के लिए एक 'जाइंट वर्किंग ग्रुप' बनाने पर सहमत हुए हैं।

दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपनी साझा जिम्मेदारी भी दोहराई थी। लेकिन ओमान द्वारा नए रूट को अमलीजामा पहनाने और उसमें अमेरिकी सहयोग शामिल होने के बाद ईरान के तेवर अचानक बदल गए हैं, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई चेन पर एक बार फिर संकट के काले बादल छा गए हैं।

Location :  Tehran

Published :  26 June 2026, 10:31 AM IST

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