FIFA World Cup 2026: जानिये भारतीय मूल के उन खिलाड़ियों के बारे में जो फीफा वर्ल्ड कप में दिखाएंगे दम

साल 2026 के फीफा वर्ल्ड कप में भारतीय मूल के चार खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर नजर आने वाले हैं। ये खिलाड़ी अलग-अलग देशों की टीमों से खेलेंगे, लेकिन उनकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं।

Updated : 11 June 2026, 2:08 PM IST
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New Delhi: भारतीय मूल के फुटबॉल खिलाड़ीभारतीय फुटबॉल प्रशंसक लंबे समय से उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब भारत की राष्ट्रीय टीम फीफा वर्ल्ड कप में खेलेगी। हालांकि यह सपना अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन साल 2026 के फीफा वर्ल्ड कप में भारतीय मूल के चार खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर नजर आने वाले हैं। ये खिलाड़ी अलग-अलग देशों की टीमों से खेलेंगे, लेकिन उनकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं। ऐसे में भारतीय फैंस के लिए यह गर्व और खुशी की बात मानी जा रही है। इन खिलाड़ियों में Sarpreet Singh, Nishan Velupillay, Samuel Moutoussamy और Tahsin Mohammed Jamsheed शामिल हैं।

भारत का सपना भले अधूरा, लेकिन जुड़ाव बना रहेगा

भारत अब तक फीफा वर्ल्ड कप में सिर्फ एक बार 1950 में क्वालीफाई कर पाया था, लेकिन उस समय टीम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकी। इसके बाद से भारतीय फुटबॉल प्रेमी लगातार अपनी टीम को विश्व कप में देखने का सपना देख रहे हैं। हालांकि 2026 के वर्ल्ड कप में भारतीय टीम नहीं होगी, लेकिन भारतीय मूल के खिलाड़ियों की मौजूदगी इस टूर्नामेंट को भारतीय दर्शकों के लिए खास बना देगी। इन खिलाड़ियों की कहानियां यह भी दिखाती हैं कि भारतीय परिवारों से निकले युवा अब दुनिया के बड़े खेल मंचों तक पहुंच रहे हैं।

 कतर के लिए खेलेंगे तहसीन मोहम्मद जमशेद

19 वर्षीय Tahsin Mohammed Jamsheed इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। उनका जन्म कतर की राजधानी Doha में हुआ, लेकिन उनके माता-पिता मूल रूप से केरल के कन्नूर जिले से हैं। तहसीन को फीफा वर्ल्ड कप में खेलने वाला पहला भारतीय पासपोर्ट धारक खिलाड़ी माना जा रहा है। उनके पास भारतीय पासपोर्ट के साथ कतर का विशेष मिशन पासपोर्ट भी है। तहसीन ने कम उम्र में ही कतर की राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। वह फॉरवर्ड और विंगर के रूप में खेलते हैं और अपनी तेज रफ्तार व शानदार अटैकिंग खेल के लिए जाने जाते हैं।

 न्यूजीलैंड की टीम में चमकेंगे सरप्रीत सिंह

Sarpreet Singh न्यूजीलैंड की टीम के अहम खिलाड़ी हैं। 27 वर्षीय सरप्रीत का जन्म Auckland में हुआ था, लेकिन उनका परिवार पंजाब से जुड़ा हुआ है। सरप्रीत अटैकिंग मिडफील्डर के तौर पर खेलते हैं और न्यूजीलैंड के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने अब तक 24 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और तीन गोल किए हैं वह 2017 और 2019 फीफा अंडर-20 वर्ल्ड कप में भी न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। फुटबॉल विशेषज्ञ उन्हें टीम का रचनात्मक खिलाड़ी मानते हैं, जो मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलेंगे निशान वेलुपिल्ले

Nishan Velupillay भी भारतीय मूल के खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनकी मां एंग्लो-इंडियन हैं, जबकि पिता श्रीलंकाई तमिल परिवार से आते हैं। 25 वर्षीय निशान का जन्म और पालन-पोषण Melbourne में हुआ। वह मेलबर्न विक्ट्री क्लब के लिए खेलते हैं और हाल के समय में ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम में तेजी से उभरे हैं। उन्होंने अक्टूबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया के लिए पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने सात अंतरराष्ट्रीय मैचों में तीन गोल किए। खास बात यह रही कि उनके सभी गोल विश्व कप क्वालीफायर मुकाबलों में आए।निशान अपनी तेज गति और आक्रामक खेल शैली के लिए पहचाने जाते हैं।

 डीआर कांगो की टीम का अहम हिस्सा हैं सैमुअल मौतौसामी

Samuel Moutoussamy का जन्म फ्रांस की राजधानी Paris में हुआ था। उनकी मां कांगो से हैं, जबकि उनके पिता तमिल मूल के भारतीय परिवार से संबंध रखते हैं। 29 वर्षीय सैमुअल डीआर कांगो की राष्ट्रीय टीम के प्रमुख मिडफील्डरों में गिने जाते हैं। वह अब तक अपनी टीम के लिए 57 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। सैमुअल का खेल अनुभव और मैदान पर संतुलन बनाए रखने की क्षमता उन्हें टीम का महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है।

 फीफा के नियम क्या कहते हैं?

फीफा के नियमों के अनुसार कोई भी खिलाड़ी उस देश की राष्ट्रीय टीम के लिए खेल सकता है, जहां उसके माता-पिता या दादा-दादी का जन्म हुआ हो। इसके अलावा खिलाड़ी के पास उस देश का वैध पासपोर्ट होना भी जरूरी है। इसी नियम के तहत भारतीय मूल के ये खिलाड़ी अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

भारतीय फैंस के लिए गर्व का मौका

भले ही भारतीय टीम इस बार वर्ल्ड कप में नहीं खेल रही हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ियों की मौजूदगी भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए गर्व की बात है। इन खिलाड़ियों की सफलता यह भी दिखाती है कि भारतीय परिवारों से जुड़े युवा अब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी पहचान बना रहे हैं। आने वाले समय में यह भारतीय फुटबॉल के लिए प्रेरणा का काम कर सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  11 June 2026, 2:08 PM IST

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