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शिवानंद चौरसिया के रोते बिलकते परिजन
Deoria: देवरिया के सुरौली गांव में उस समय मातम छा गया, जब विदेश में नौकरी कर रहे शिवानंद चौरसिया के निधन की सूचना उनके परिवार तक पहुंची। ओमान के पास Hormuz Region में जहाज पर हुए कथित हमले में उनकी मौत की गई। भारतीय दूतावास से मिली जानकारी के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिजनों के अनुसार, शिवानंद चौरसिया ओमान से भारत की ओर जहाज लेकर आ रहे थे। इसी दौरान होर्मुज क्षेत्र (Hormuz Region) के पास कथित बमबारी की घटना में उनके लापता होने की सूचना मिली। बाद में उनके निधन की आशंका जताई गई। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर विस्तृत पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि भारतीय दूतावास (Indian Embassy) की ओर से परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। रिश्तेदार और ग्रामीण लगातार परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
शिवानंद चौरसिया एक शिपिंग कंपनी में इंजन फीटर (Engine Fitter) के पद पर कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, वह करीब सात माह पहले मुंबई से सिंगापुर रूट पर संचालित जहाज में नौकरी के लिए गए थे और समुद्री जहाज पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।
गुरुवार सुबह दुबई में रहने वाले उनके छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया ने फोन कर परिवार को घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जहाज पर बम गिरने की सूचना मिली है और शिवानंद अब इस दुनिया में नहीं रहे। यह खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
शिवानंद अपने पीछे माता कलावती देवी, पत्नी सुशीला तथा दो मासूम बच्चों राजवीर और वानिका को छोड़ गए हैं। परिवार के सामने अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गांव और आसपास के क्षेत्रों से लोग लगातार उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
घटना की सूचना फैलते ही सुरौली गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और शुभचिंतकों का शिवानंद के घर पर तांता लगा हुआ है। हर कोई परिवार को सांत्वना देने और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा होने का प्रयास कर रहा है।
Location : Deoria
Published : 11 June 2026, 1:58 PM IST