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भूकंप (सोर्स-इंटरनेट)
नई दिल्ली: डोडेकेनीज़ द्वीप क्षेत्र, ग्रीस और तुर्की के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए हैं। यह भूकंप इतना शक्तिशाली था कि रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.2 दर्ज की गई। यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (ईएमएससी) ने बताया कि इस भूकंप की गहराई करीब 68 किलोमीटर थी। ग्रीस और तुर्की के बीच सीमा क्षेत्र में आए इस भूकंप ने तुर्की के कई हिस्सों में भी धरती को हिलाकर रख दिया। यह भूकंप ख़ास तौर पर तुर्की के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में सुबह करीब 3:17 बजे महसूस किया गया।
तुर्की में भूकंप का खतरा क्यों अधिक?
तुर्की को दुनिया के सबसे ज़्यादा भूकंप-प्रवण क्षेत्रों में से एक माना जाता है। यहाँ भौगोलिक और टेक्टोनिक प्लेट की स्थिति के कारण भूकंप आना आम बात है। तुर्की आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण (AFAD) के आंकड़ों के अनुसार, अकेले 2020 में देश में 33,000 से ज़्यादा भूकंप दर्ज किए गए, जिनमें से 322 की तीव्रता 4.0 से ज़्यादा थी। यह संख्या तुर्की में भूकंप के जोखिम को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
तुर्की यूरेशियन और अरबियन प्लेटों के बीच स्थित है, जहाँ प्लेटों के लगातार टकराने और खिसकने से भूगर्भीय तनाव पैदा होता है। यही वजह है कि यहाँ अक्सर भूकंप आते रहते हैं। भूकंप की इस तीव्रता के कारण तुर्की में, खासकर सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही का खतरा है।
ग्रीस के डोडेकेनीज द्वीप क्षेत्र में भूकंप
डोडेकेनीज़ द्वीप ग्रीस के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित हैं, जो भूमध्य सागर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इस क्षेत्र में भी टेक्टोनिक प्लेटों की बहुत हलचल होती है, जिसके कारण समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। हाल ही में आए भूकंप ने वहां के निवासियों में भय और बेचैनी पैदा कर दी है।
पाकिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस
इस भूकंप से ठीक दो दिन पहले पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। पाकिस्तान के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि 4.2 तीव्रता का यह भूकंप दोपहर 1:37 बजे आया। इस भूकंप से कई इलाकों में हलचल भी मची, लेकिन किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
भूकंप सुरक्षा और तैयारियां
तुर्की, ग्रीस और पाकिस्तान जैसे भूकंप संभावित क्षेत्रों में लोगों में समय-समय पर जागरूकता बढ़ाना और आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूत करना जरूरी है। तुर्की सरकार ने भूकंप सुरक्षा के लिए कई प्रयास किए हैं, जिनमें आपदा प्रबंधन प्रणालियों में सुधार और भवन निर्माण को भूकंपरोधी बनाना शामिल है। इसके बावजूद, जब इतनी तीव्रता का भूकंप आता है, तो नुकसान की संभावना बनी रहती है।
Location : New Delhi
Published : 3 June 2025, 7:36 PM IST
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