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भोजपुरी सिनेमा और संगीत जगत के बड़े नाम पवन सिंह, रितेश पांडे, विनय बिहारी सहित अन्य सितारों का बिहार विधानसभा चुनाव में कदम रखने का असर दिख रहा है। भाजपा एनडीए और जन सुराज पार्टी जैसे गठबंधनों में टिकट की दौड़ तेज हो गई है।
भोजपुरिया तड़का बिहार चुनाव में
Patna: बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान की प्रत्याशा के बीच चुनावी माहौल पहले से गर्म है। राजनीतिक दलों में टिकट के दावेदार मैदान सजाने में जुटे हैं, प्रचार अभियान शुरू हो चुके हैं और स्टार पावर वाले चेहरे चुनावी दृश्य में प्रमुख भूमिका निभाने को तैयार हैं। भोजपुरिया तड़का इस बार सिर्फ श्रंगार में नहीं बल्कि चुनावी रणभूमि में चमकने वाला है।
भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह इस चुनाव में भाजपा एनडीए के टिकट की प्रबल दावेदारी में हैं। लोकसभा चुनावों में उनके प्रभाव को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उनसे मुलाकातें की हैं, जिनमें उपेंद्र कुशवाहा सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ बातचीत शामिल है। चर्चा यह भी है कि पवन सिंह बड़हरा, आरा या रोहतास के काराकाट सीट से उम्मीदवार हो सकते हैं, जहां उनका जनाधार मजबूत माना जाता है।
बिहार चुनाव 2025
पवन सिंह की तरह ही उनकी पत्नी ज्योति सिंह भी चुनावी मैदान में सक्रिय हैं। वह क्षेत्र में लगातार दौरे पर हैं और जनता से मिल रही हैं। जन सुराज या एनडीए गठबंधन दोनों में से किसी से टिकट मिल सकती है, और संभावना है कि वह काराकाट लोकसभा क्षेत्र से किसी विधानसभा सीट से मैदान में उतरें। पत्नी पति की जोड़ी पार्टी के लिए एक नए मैसेज का प्रतीक बनेगी।
भोजपुरी गायक अभिनेता रितेश पांडे, जो “हेलो कौन” जैसे गानों से लोकप्रिय हुए हैं, ने हाल ही में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी जॉइन की है। वे रोहतास के करगहर या भभुआ सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। साथ ही, फिल्म प्रोड्यूसर और युवा उद्यमी चेतना झांब भी सक्रिय हो चुकी हैं और समस्तीपुर विधानसभा सीट से टिकेट मिलना तय माना जा रहा है।
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विनय बिहारी, वर्तमान में लौरिया से विधायक, इस बार 2025 का चुनाव चौथी बार लड़ने की तैयारी में हैं। वे BJP के टिकट से पश्चिम चंपारण या आसपास के किसी क्षेत्र से मैदान में उतर सकते हैं। उनकी स्थानीय पकड़ अच्छी है और पार्टी में उनकी स्वीकार्यता भी मजबूत है।
खेसारी लाल यादव ने सार्वजनिक रूप से न तो टिकट की पुष्टि की है और न ही पार्टी बदलने की, लेकिन उनके राजद सपा से घनिष्ठ संबंध और भोजपुरी इंडस्ट्री में लोकप्रियता को देखते हुए, वे इस चुनावी मैदान में प्रचार के ज्यादा हिस्से में दिखाई देंगे। यदि खुद उम्मीदवार न बने भी हों, तो राजद प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करते हुए जनता के बीच अपनी पैठ का उपयोग करेंगे।
भोजपुरी सितारों के नाम जुड़ने से पार्टी हितों में बदलाव की उम्मीद है। भाजपा एनडीए, जन सुराज पार्टी और अन्य दल अब टिकट बंटवारे में स्टार पावर को एक महत्वपूर्ण फैक्टर मान रहे हैं। जहां पार्टी नेतृत्व को भरोसा है कि लोकप्रिय चेहरे वोटरों को प्रेरित कर सकते हैं और युवा वर्ग को जोड़ सकते हैं।
चुनावी प्रचार अब सिर्फ रोड शो और अखबार से नहीं रहा; सोशल मीडिया, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भोजपुरी गीतों का संयोजन हो रहा है। स्टार उम्मीदवार बड़े जनता कार्यक्रम कर रहे हैं, जनसभाओं की संख्या बढ़ रही है। मीडिया कवरेज में भी भोजपुरी हस्तियों की भागीदारी से चुनावी संवाद का स्वर बदला है जहां मुद्दे मंथन हो रहा है, वहीं भावनात्मक अपील भी प्रमुख है।
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