
रत्ना सिंह के पिता का छलका दर्द
Gorakhpur: गोरखपुर की रहने वाली 32 वर्षीय रत्ना सिंह की आत्महत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। डाइनामाइट न्यूज की टीम जब रत्ना के घर पहुंची तो वहां एक ऐसा परिवार मिला जो अपनी बेटी को खोने के गहरे सदमे से अब तक बाहर नहीं निकल पाया है। रत्ना के पिता सुधीर सिंह ने बेटी को याद करते हुए कहा कि वह बेहद होनहार, समझदार और निर्भीक लड़की थी। परिवार आज भी यही सोच रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने इतनी मजबूत लड़की को आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
सुधीर सिंह ने भावुक होकर कहा, “एक मां-बाप के लिए सभी बच्चे बराबर होते हैं, लेकिन रत्ना हमारे घर की सबसे छोटी और सबसे प्यारी बच्ची थी। बहुत लोग उसे प्यार करते थे। घर में उसकी अलग ही जगह थी।”
रत्ना के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने कभी भी परिवार या दोस्तों से इस तरह की मानसिक परेशानी का जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें थोड़ा भी अंदाजा होता कि वह अंदर ही अंदर इतना दर्द झेल रही है, तो शायद आज यह नौबत नहीं आती। उन्होंने कहा, “वह अपने दोस्तों से भी सामान्य तरीके से बात करती थी। किसी को नहीं लगा कि वह इतनी बड़ी परेशानी से गुजर रही है। अगर उसने हमसे कुछ कहा होता, तो शायद हम उसे बचा लेते।” परिवार का कहना है कि रत्ना हमेशा हंसने-बोलने वाली लड़की थी और उसने कभी अपने दर्द को बाहर नहीं आने दिया।
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मामले में अब तक पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन रत्ना के पिता इससे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने बेहद नाराजगी भरे स्वर में कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सिर्फ कानूनी कार्रवाई काफी नहीं है। सुधीर सिंह ने कहा, “जिन लोगों ने मेरी बेटी को इस कदर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया कि उसने मौत को गले लगा लिया, ऐसे अपराधियों का तो एनकाउंटर कर देना चाहिए।”
रत्ना को जानने वाले लोग उसे एक निडर और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाली लड़की बता रहे हैं। परिवार के मुताबिक वह अपने काम को लेकर बेहद गंभीर थी और हमेशा आगे बढ़ने की सोच रखती थी। रत्ना के पिता ने कहा, “हमने अपनी बेटी खो दी है। पूरा परिवार टूट चुका है। जिन्होंने उसे दर्द दिया, वे भी चैन से न रह पाएं। हम चाहते हैं कि सभी दोषियों को कड़ी सजा मिले।”
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दरअसल, गोरखपुर की रहने वाली 32 वर्षीय रत्ना सिंह लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित शालीमार विस्टा फ्लैट में मृत पाई गई थीं। वह लखनऊ के एक सैलून में मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। मौत से पहले रत्ना ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने सैलून मालिक शरद सिंह और अन्य कर्मचारियों पर गंभीर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।
रत्ना के पिता सुधीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने शरद सिंह, प्रशांत शर्मा, मंगलनाथ यादव, पल्लवी जोशी और वैशाली के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
Location : Gorakhpur
Published : 21 May 2026, 9:15 PM IST