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करोड़ों की ठगी (Img Source: freepik)
Sitapur: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रावल गांव निवासी अनुज त्रिवेदी को महाराष्ट्र पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए 25 से अधिक महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनसे शादी की और करोड़ों रुपये की ठगी की। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी कई फर्जी नामों और पहचान का इस्तेमाल कर वर्षों से लोगों को धोखा दे रहा था।
मामले की शुरुआत महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दर्ज एक शिकायत से हुई। 75 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि अनुज ने अखबार में प्रकाशित वैवाहिक विज्ञापन के माध्यम से उनकी 45 वर्षीय बेटी से संपर्क किया और वर्ष 2019 में शादी कर ली। बाद में उसने मकान बनवाने और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर लाखों रुपये अपने कब्जे में ले लिए।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने महिला के परिवार को फ्लैट बेचने के लिए राजी किया और अलग-अलग किस्तों में 82 लाख रुपये हासिल कर लिए। इसके बाद दिल्ली में रिश्तेदारी का बहाना बनाकर महिला को रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया और 33 तोला सोना लेकर फरार हो गया। इस तरह एक ही महिला से लगभग 97 लाख रुपये की ठगी की गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपी मुख्य रूप से तलाकशुदा, दिव्यांग, मानसिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से असहाय महिलाओं को टारगेट करता था। पुलिस को शक है कि उसके नेटवर्क में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। आरोपी के बेटे की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 27 वर्ष पहले अनुज लखनऊ में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। बाद में उसने सिक्योरिटी कंपनी शुरू की और प्रॉपर्टी के कारोबार में भी उतर गया। कुछ वर्षों में उसने लखनऊ, नैमिषारण्य और सीतापुर में करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली। उसके बेटे की शादी में कई बड़े राजनीतिक चेहरे और प्रभावशाली लोग भी शामिल हुए थे।
महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार आरोपी अजय अग्रवाल, संतोष सिंह, जयप्रकाश, रमेश चंद्र गुप्ता और अन्य कई नामों का इस्तेमाल कर चुका है। उसके पास से फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े सामान बरामद किए गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार ऑनलाइन और अखबारी वैवाहिक विज्ञापनों के बढ़ते चलन के साथ "मैट्रिमोनियल फ्रॉड" देश में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे ठग पहले भरोसा जीतते हैं, फिर शादी या रिश्ते के नाम पर आर्थिक नियंत्रण हासिल करते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पीड़ित अक्सर सामाजिक बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिससे आरोपी वर्षों तक बच निकलते हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि ऐसे मामलों में शादी से पहले पहचान, आय, वैवाहिक स्थिति और पुलिस सत्यापन की स्वतंत्र जांच बेहद जरूरी हो गई है। अनुज का मामला सिर्फ एक व्यक्ति की ठगी नहीं, बल्कि उस कमजोर व्यवस्था की भी कहानी है जहां भरोसे को हथियार बनाकर करोड़ों का खेल खेला जा सकता है।
Location : Sitapur
Published : 17 June 2026, 1:06 PM IST
Topics : crime news Marriage Fraud Sitapur News UP Fraud UP News