Kolkata RG Kar Case: आरजी कर केस में फिर खुली पुरानी फाइल! पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष गिरफ्तार

आरजी कर रेप-मर्डर केस से जुड़े मामले में अचानक बड़ी गिरफ्तारी हुई है। पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को पुलिस ने ओडिशा के संबलपुर से पकड़ा है। परिवार की शिकायत के बाद जांच आगे बढ़ी और अब इस मामले में दो अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 13 August 2026, 2:42 PM IST
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Kolkata: कोलकाता के चर्चित आरजी कर रेप-मर्डर केस से जुड़े मामले में करीब दो साल बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने पीड़िता के शव के अंतिम संस्कार से जुड़े मामले में सबूतों से छेड़छाड़ या उन्हें मिटाने में कथित भूमिका निभाई। गिरफ्तारी के बाद इस पुराने मामले ने एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अंतिम संस्कार को लेकर क्यों उठे सवाल?

आरजी कर अस्पताल में 9 अगस्त 2024 को 31 वर्षीय पीजी ट्रेनी डॉक्टर का शव सेमिनार रूम में मिला था। जांच में उसके साथ रेप और हत्या की पुष्टि हुई थी। इस मामले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। अब इस मामले से जुड़े एक अलग केस में पुलिस ने पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उन्हें ओडिशा के संबलपुर से पकड़ा गया है। गिरफ्तारी से दो दिन पहले ही उनके खिलाफ कथित गड़बड़ी और सबूत मिटाने के आरोपों को लेकर FIR दर्ज की गई थी।

जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का आरोप

मामले में पीड़िता के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी सहमति के बिना जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया गया। इसी शिकायत के बाद अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे। पुलिस के अनुसार, शव को पानीहाटी के एक श्मशान घाट ले जाया गया था। आरोप है कि वहां पहले से कतार में मौजूद दो अन्य शवों को पीछे छोड़कर पीड़िता का अंतिम संस्कार जल्दी कराया गया।

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इसके अलावा अंतिम संस्कार से जुड़े दस्तावेजों पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने की बात भी सामने आई है। दस्तावेजों पर पड़ोसियों के हस्ताक्षर होने और अंतिम संस्कार की फीस माफ किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

निर्मल घोष के अलावा दो और नाम

इस नए मामले में निर्मल घोष के साथ पानीहाटी नगरपालिका के काउंसलर सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी नामजद किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच आरजी कर रेप-मर्डर की मूल जांच से अलग है। यानी यह कार्रवाई उस केस की जांच से अलग उस प्रक्रिया पर केंद्रित है, जिसमें अंतिम संस्कार और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप हैं।

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मुख्यमंत्री ने दिए थे नए सिरे से जांच के निर्देश

पीड़िता के परिवार की शिकायतों के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मामले में नए सिरे से जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने अंतिम संस्कार की फीस माफ होने और दस्तावेजों पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने जैसे बिंदुओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने बैरकपुर पुलिस कमिश्नर को मामले में कार्रवाई करने को कहा था। अब निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद इस जांच में आगे क्या सामने आता है, इस पर सबकी नजर है। आरजी कर के मूल रेप-मर्डर मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि उससे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया अभी कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित है।

Location :  Kolkata

Published :  13 August 2026, 2:39 PM IST

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