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लिफ्ट में फंसी 5 साल की बच्ची (IMG: Dynamite News)
Greater Noida West: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से गौतमबुद्ध नगर के बिल्डरों को डर नहीं लगता। आप इस बात का अंदाजा इस चीज से लगा सकते हो कि प्रदेश में लिफ्ट एक्ट लागू है। उसके बावजूद भी जिले में लिफ्ट हादसों की संख्या कम नहीं हो रही है। ताजा मामला ग्रेटर नोएडा से आया है, जहां एक 5 साल की मासूम बच्ची लिफ्ट में फंसी गई और बाहर बच्ची के माता-पिता बेबस खड़े रहे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हेरिटेज होम्स सोसाइटी में बिजली गुल होते ही एक परिवार की सांसें अटक गईं। महज 5 साल की मासूम बच्ची मेड के साथ लिफ्ट में फंस गई। लिफ्ट के अंदर अंधेरा और गर्मी के बीच बच्ची लगातार रोती रही, जबकि बाहर उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल था। माता-पिता लिफ्ट के बाहर खड़े होकर अपनी बेटी को आवाज देते रहे और उसे हिम्मत बंधाते रहे। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद लिफ्ट खोली गई और बच्ची को बाहर निकाला जा सका। हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि सोसाइटी में बिजली गुल होने के दौरान यह घटना हुई। बच्ची मेड के साथ लिफ्ट में मौजूद थी। अचानक लिफ्ट रुक गई और दोनों अंदर फंस गए। कुछ ही देर में लिफ्ट के भीतर गर्मी और अंधेरा बढ़ने लगा। मासूम डर के मारे रोने लगी। बच्ची की आवाज सुनकर परिवार को घटना का पता चला। इसके बाद माता-पिता लिफ्ट के बाहर पहुंच गए। बेटी को अंदर से रोता सुनकर मां लगातार परेशान होती रही। परिवार ने मदद के लिए अलार्म भी बजाया, लेकिन आरोप है कि काफी देर तक मदद नहीं पहुंची।
लिफ्ट के अंदर बच्ची और मेड के फंसे होने के दौरान माता-पिता की बेबसी साफ नजर आई। वे बाहर से अपनी बेटी से बात करते रहे और उसे घबराने से बचाने की कोशिश करते रहे। लेकिन समय बीतने के साथ परिवार की चिंता बढ़ती गई। करीब एक घंटे बाद लिफ्ट खोली गई और मासूम को बाहर निकाला गया। लिफ्ट से बाहर निकलने के बाद बच्ची की हालत ठीक नहीं थी। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया गया। घटना के बाद सोसाइटी में रहने वाले लोगों के बीच भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इस घटना ने सोसाइटी की लिफ्ट और पावर बैकअप व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली जाने के बाद लिफ्ट में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए क्या इंतजाम थे? क्या लिफ्ट का इमरजेंसी अलार्म और संचार सिस्टम ठीक से काम कर रहा था? अगर अलार्म बजाया गया था तो मदद पहुंचने में इतना समय क्यों लगा? सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर लिफ्ट में फंसी बच्ची की जगह कोई बुजुर्ग, बीमार व्यक्ति या कोई और कमजोर स्थिति वाला शख्स होता तो क्या होता?
Location : Noida
Published : 13 August 2026, 2:27 PM IST