मथुरा में ईद के दिन ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद बवाल मच गया। जहां लोग इसे साजिश बता रहे हैं, वहीं पुलिस ने इसे कोहरे में हुआ हादसा बताया है। घटना के बाद हाईवे जाम और अफवाहों ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया।

‘फरसा वाले बाबा’ की मौत पर उग्र भीड़
Mathura: कान्हा की नगरी ब्रज में ईद के दिन ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। चर्चित गौ-सेवक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की संदिग्ध हालात में मौत हो गई और देखते ही देखते मामला तनाव में बदल गया। शुरुआत में इस घटना को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आईं, जिससे माहौल और ज्यादा गर्म हो गया।
घटना मथुरा के थाना कोसीकलां क्षेत्र के नवीपुर इलाके की बताई जा रही है, जहां आरोप लगा कि बाबा को उनकी गाड़ी सहित कुचलकर मार दिया गया। हालांकि, पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे घने कोहरे की वजह से हुआ सड़क हादसा बताया है। लेकिन स्थानीय लोगों का एक वर्ग इसे सामान्य दुर्घटना मानने को तैयार नहीं है, जिससे सवाल लगातार उठ रहे हैं।
घटना की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। घंटों तक यातायात बाधित रहा और पुलिस को हालात संभालने के लिए मौके पर भारी बल तैनात करना पड़ा।
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मथुरा पुलिस ने साफ किया है कि यह घटना एक सड़क दुर्घटना है, जो घने कोहरे के कारण हुई। पुलिस के अनुसार, जिस कंटेनर को रोका गया था उसमें किराने का सामान था, जबकि पीछे से टक्कर मारने वाले ट्रक में तार लदे थे। गौकशी या तस्करी से जुड़ी बातें पूरी तरह अफवाह बताई गई हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
इस मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब टक्कर मारने वाले ट्रक ड्राइवर खुर्शीद की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। वह राजस्थान के अलवर का रहने वाला था। पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। फिलहाल घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
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इस घटना के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं।