मेरठ नीला ड्रम कांड: दोषी ठहराए जाने के बाद मुस्कान-साहिल की जिंदगी बदलेगी, जेल में पहनेंगे अलग रंग के कपड़े

मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को अदालत दोषी करार दे चुकी है। 14 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। सजा के बाद दोनों के जेल नियम बदल जाएंगे। जानिए जेल में किस रंग के कपड़े पहनेंगे, क्या काम करेंगे और मुलाकात के नियमों में क्या बदलाव होगा।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 3 October 2026, 1:32 PM IST
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Meerut News: मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी करार दिए गए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के लिए अब जेल की जिंदगी भी बदलने वाली है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों को सौरभ की हत्या का दोषी करार दिया है और 14 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल के नियमों के मुताबिक रहना होगा। जेल प्रशासन के अनुसार, दोषी ठहराए जाने के बाद बंदियों के लिए कपड़े, श्रम और मुलाकात से जुड़े नियम बदल जाते हैं।

सजा के बाद जेल के कपड़े पहनेंगे दोनों

जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, किसी बंदी को सजा सुनाए जाने के बाद उसके लिए जेल के नियम बदल जाते हैं। मुस्कान को जेल के नियमों के अनुसार आसमानी रंग की साड़ी या सलवार सूट पहनना होगा, जबकि साहिल पीले रंग के कपड़े पहनेगा। सजा के बाद दोनों को जेल में श्रम भी करना होगा। यानी अब जेल में उनका रहन-सहन विचाराधीन बंदियों से अलग होगा और उन्हें जेल प्रशासन के नियमों के अनुसार काम करना पड़ेगा।

महीने में 12 नहीं, सिर्फ चार मुलाकात

सजा के बाद मुस्कान और साहिल की जेल में मुलाकात के नियम भी बदल जाएंगे। अभी विचाराधीन बंदियों को मिलने की जो व्यवस्था है, उसमें महीने में 12 मुलाकात की अनुमति होती है। दोषसिद्धि के बाद यह संख्या घटकर चार मुलाकात रह जाएगी। हालांकि जेल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल दोनों से मुलाकात करने के लिए कोई नहीं आ रहा है। मुस्कान अपनी बेटी के साथ जिला कारागार में रह रही है।

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दूसरे जिले में भेजने की मांग कर सकता है परिवार

सौरभ राजपूत की हत्या के बाद से ही उसके परिवार में दोनों आरोपियों को लेकर गहरा आक्रोश है। सौरभ की मां रेनू देवी और भाई बबलू ने दोनों के जेल में रहने के तौर-तरीकों को लेकर सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि सजा सुनाए जाने के बाद वे मुस्कान और साहिल को अलग-अलग जिलों की जेलों में भेजने की मांग करेंगे। हालांकि दोनों को किस जेल में रखा जाएगा, इसका अंतिम फैसला जेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के स्तर पर होगा।

नीले ड्रम में छिपाया था सौरभ का शव

यह पूरा मामला 3 मार्च 2025 की रात सामने आई उस हत्या से जुड़ा है, जिसने मेरठ ही नहीं बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया था। शास्त्री की कोठी के सामने रहने वाली मुस्कान रस्तोगी पर अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या करने का आरोप लगा था। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले रंग के ड्रम में सीमेंट से छिपाया गया। इसके बाद दोनों हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। 17 मार्च को मेरठ लौटने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था।

कोर्ट में पेशी के दौरान हुआ था हंगामा

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब 19 मार्च को पुलिस उन्हें न्यायालय में पेश करने पहुंची थी, तब वहां मौजूद कुछ वकीलों ने साहिल के साथ मारपीट कर दी थी। पुलिस ने किसी तरह दोनों आरोपियों को भीड़ से बचाकर बाहर निकाला था। इसके बाद दोनों को जिला कारागार में रखा गया। सुरक्षा कारणों से उनकी कई पेशियां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुईं। 30 सितंबर को भी फैसले के दिन दोनों ने जेल प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराने की मांग की थी।

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दाखिल हुई करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट

मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की थी। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस ने करीब 54 दिनों में लगभग 1000 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी।

जेल में ही मुस्कान ने बेटी को दिया था जन्म

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम तब हुआ था, जब मुस्कान ने 24 नवंबर को जेल में ही बेटी को जन्म दिया था। फिलहाल वह अपनी बेटी के साथ जिला कारागार में रह रही है। अब अदालत के दोषसिद्धि के फैसले के बाद 14 अक्टूबर को दोनों की सजा पर फैसला होगा। इसके बाद जेल प्रशासन के अनुसार उनके कपड़े, श्रम और मुलाकात समेत कई नियम बदल जाएंगे। हालांकि अंतिम सजा क्या होगी और सजा के बाद उन्हें किस जेल में रखा जाएगा, यह अदालत के आदेश और जेल प्रशासन के आगामी निर्णय पर निर्भर करेगा।

Location :  Meerut

Published :  3 October 2026, 1:32 PM IST

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