‘लूट, डकैती और मर्डर का सौदागर’: 1 लाख का इनामी दिलबहार खान गिरफ्तार, जानिए इस दुर्दांत सरगना की क्राइम फाइल

यूपी एसटीएफ ने प्रयागराज से 1 लाख रुपये के इनामी और कुख्यात ट्रक लुटेरे गिरोह के सरगना दिलबहार खान को गिरफ्तार कर लिया है। बैंक मैनेजर की हत्या, डकैती और ट्रक लूट जैसे करीब 3 दर्जन मामलों में शामिल यह अपराधी गुजरात में छिपा हुआ था। जानिए एसटीएफ के इस बड़े ऑपरेशन की पूरी कहानी।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 21 August 2026, 9:23 PM IST

Prayagraj: हाईवे पर फर्राटा भरते भारी भरकम ट्रक, रात का घना अंधेरा और चंद सेकंड में असलहे की नोक पर चालकों को बंधक बनाकर पूरी की पूरी गाड़ी पार कर देने वाला खौफनाक नेटवर्क! पिछले 14 सालों से उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और मध्य इलाकों के राजमार्गों पर जिस नाम का खौफ गूंजता था, आखिरकार उसकी उल्टी गिनती खत्म हो गई। यूपी एसटीएफ की टीम ने एक लाख रुपये के इनामी और कुख्यात डकैत गिरोह के सरगना दिलबहार खान को प्रयागराज के सोरांव बाईपास बस स्टैंड के पास से घेरकर गिरफ्तार कर लिया है। गुजरात में ठिकाना बनाकर अपनी पहचान छिपा रहे इस हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी से यूपी पुलिस ने राहत की सांस ली है। यह वही दिलबहार खान है जिसके सिर पर दर्जनों ट्रक लूट, डकैती, हत्या और रंगदारी जैसे तीन दर्जन के करीब खौफनाक मामले दर्ज हैं।

प्रयागराज में रची जा रही थी नई साजिश

एसटीएफ की टीम पिछले काफी समय से फरार और इनामी अपराधियों की टोह में लगी हुई थी। अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह के पर्यवेक्षण में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत एसटीएफ की टीमें गुजरात के अलग-अलग इलाकों में दिलबहार खान का सुराग तलाश रही थीं। असल में, पुलिस की नजरों से बचने के लिए दिलबहार खान सूरत (गुजरात) के पंडेसरा इलाके में कुलसुम रेजीडेन्सी में छिपकर रह रहा था। लेकिन अपराध की दुनिया का यह पुराना खिलाड़ी शांत बैठने वाला नहीं था।

‘मम्मी उठो न…’ मासूम के बिलखने से खुला खौफनाक राज, प्रयागराज में दिन-दहाड़े मां की गला रेतकर हत्या

बैंक मैनेजर का मर्डर और बेखौफ डकैती का खूनी इतिहास

एसटीएफ की कस्टडी में आते ही दिलबहार खान की अपराध कथा के एक-एक काले पन्ने खुलने लगे। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह प्रतापगढ़ के देल्हूपुर थाना क्षेत्र के कुल्हीपुर गांव का रहने वाला है। उसने साल 2011 में जरायम की दुनिया में कदम रखा था और देखते ही देखते अपना एक खतरनाक संगठित गिरोह खड़ा कर लिया। इस गिरोह का सबसे खौफनाक चेहरा साल 2019 में सामने आया था, जब मऊआइमा इलाके में दिलबहार खान और उसके साथियों ने बैंक मैनेजर नवीन कुमार की गोलियों से भूनकर निर्मम हत्या कर दी थी और डकैती की वारदात को अंजाम दिया था।

हाईवे पर चलता था 'ट्रक लुटेरा' गिरोह

दिलबहार खान के गिरोह की मुख्य कार्यप्रणाली हाईवे पर चलने वाले ट्रकों को निशाना बनाना था। वह और उसके गुर्गे असलहों से लैस होकर सड़कों पर निकलते थे। कभी ट्रक मालिकों को असलहे की नोक पर बंधक बनाते, तो कभी चालकों और खलासियों को बेरहमी से पीटकर हाईवे के किनारे फेंक देते और लाखों के माल समेत पूरा ट्रक उड़ा ले जाते। अंबेडकरनगर के बसखारी में महेंद्र प्रताप यादव के ट्रक चालक और खलासी को बंधक बनाकर लूट, मऊआइमा में सत्य कुमार तिवारी के ट्रक के चालक-खलासी को गनपॉइंट पर लेकर डकैती, प्रतापगढ़ के मानधाता में ट्रक मालिक मोहम्मद इकबाल से डकैती और नवाबगंज में ट्रक मालिक राम सुभावन के साथ मारपीट कर ट्रक लूटने जैसी कई बड़ी वारदातें इस गिरोह के नाम दर्ज हैं।

गंगा-यमुना बढ़ीं तो डूबने लगा प्रयागराज! पांच फीट पानी में फंसी जिंदगी, घर-दफ्तर से लेकर बाजार तक बेहाल

तीन दर्जन मुकदमों का बोझ और गैंगस्टर का शिकंजा

दिलबहार खान की क्राइम फाइल इतनी मोटी है कि पुलिस प्रशासन भी हैरान है। प्रयागराज, प्रतापगढ़ और अंबेडकरनगर के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ हत्या (302), डकैती (395), जानलेवा हमला (307), रंगदारी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट जैसी संगीन धाराओं में 34 मुकदमे दर्ज हैं। वह कई बार जेल जा चुका है, लेकिन बाहर आते ही फिर से अपना खूनी कारोबार शुरू कर देता था।

Location :  Prayagraj

Published :  21 August 2026, 9:23 PM IST