लव मैरिज, एक करोड़ का बीमा और फिर मौत: क्या सच में कविता के साथ हुआ था हादसा या फिर जीवनसाथी ने करवा दिया मर्डर?

जबलपुर के पाटन में कविता चौधरी पांडे की सड़क हादसे में मौत अब कथित हत्या की साजिश से जुड़ गई है। पुलिस के मुताबिक पति पर एक करोड़ रुपये के बीमा के बाद हादसे की आड़ में हत्या की योजना बनाने का आरोप है...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 4 October 2026, 6:01 PM IST
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Jabalpur: जबलपुर के पाटन में 31 वर्षीय कविता चौधरी पांडे की मौत ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस घटना को शुरुआत में सड़क हादसा समझा जा रहा था, पुलिस जांच में उसके पीछे कथित साजिश के संकेत मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक, कविता के पति और पाटन कोर्ट में नोटरी अधिवक्ता प्रियांश पांडे पर आरोप है कि उसने पत्नी के नाम करीब एक करोड़ रुपये का एक्सीडेंटल बीमा कराया और फिर कथित तौर पर उसकी हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि हत्या को इस तरह अंजाम देने की कोशिश की गई कि पूरा मामला सामान्य सड़क दुर्घटना नजर आए।

पिकअप ने स्कूटी को मारी टक्कर, मौके पर हुई मौत

पुलिस के अनुसार कविता स्कूटी से जा रही थीं। इसी दौरान एक पिकअप वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि कविता की मौत हो गई। शुरुआती जांच में मामला सड़क दुर्घटना का ही दिखाई दिया, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी शुरू की, शक की दिशा बदलती चली गई। जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर ऐसे सुराग मिले, जिनसे घटना के पीछे पहले से बनाई गई योजना की आशंका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने हादसे से जुड़े लोगों और कविता के पति के संबंधों की भी पड़ताल शुरू की।

2024 में की थी लव मैरिज

पुलिस के मुताबिक मूल रूप से नरसिंहपुर की रहने वाली कविता और प्रियांश पांडे वर्ष 2022 से साथ रह रहे थे। दोनों ने वर्ष 2024 में लव मैरिज की थी। प्रियांश पाटन कोर्ट में नोटरी अधिवक्ता के तौर पर काम करता था। जांच में पुलिस को पता चला कि प्रियांश के पास मानसिंह लोधी सहायक के रूप में काम करता था। पुलिस का आरोप है कि इसी मानसिंह को कथित साजिश में शामिल किया गया। इसके बाद मानसिंह ने विक्रम अहिरवार, करिया उर्फ घनश्याम लोधी और रामजी चौधरी से संपर्क किया।

एक महीने पहले ही तैयार हो गया था प्लान?

पुलिस जांच के अनुसार कविता की हत्या की कथित योजना घटना से काफी पहले तैयार कर ली गई थी। आरोप है कि प्रियांश ने तीनों लोगों को पैसे दिए और करीब एक महीने पहले ही पिकअप वाहन किराए पर लेने की व्यवस्था कराई। जांच एजेंसियों का दावा है कि पिकअप का इस्तेमाल इसलिए किया जाना था, ताकि कविता की मौत को सड़क हादसे का रूप दिया जा सके और किसी को हत्या की आशंका न हो।

फोटो और स्कूटर नंबर देकर कराई पहचान

पुलिस के मुताबिक साजिश में शामिल लोगों को कविता की फोटो और उनकी स्कूटर का नंबर भी उपलब्ध कराया गया था। इससे आरोपियों को रास्ते में कविता की पहचान करने में मदद मिल सके। घटना वाले दिन प्रियांश ने कथित तौर पर किसी जरूरी काम का हवाला देकर कविता को स्कूटी से भेजा। इसके बाद आरोप है कि रास्ते में आरोपियों ने कविता की पहचान की और पिकअप से उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी।

हादसे की जांच से खुलती गई साजिश की परतें

मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि शुरुआती तौर पर यह एक सामान्य सड़क दुर्घटना जैसा दिखाई दिया था। लेकिन पुलिस की जांच में बीमा, वाहन की पहले से व्यवस्था, आरोपियों के बीच संपर्क और कविता की पहचान से जुड़े तथ्यों को जोड़कर कथित हत्या की साजिश की दिशा में जांच आगे बढ़ी। फिलहाल पुलिस आरोपों और सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। मामले में शामिल बताए जा रहे सभी लोगों की भूमिका, कथित भुगतान और हादसे से पहले की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

Location :  Jabalpur

Published :  4 October 2026, 6:01 PM IST

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