Dynamite News Exclusive: चोरी हुआ ट्रांसफार्मर, ठप हुई सिंचाई; फसल बर्बादी के डर से किसानों ने उठाए सवाल

इटावा के एक गांव में हुई एक चोरी ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है। मामला सिर्फ ट्रांसफार्मर गायब होने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे उठ रहे सवाल और सूखती फसलों की चिंता अब बड़ा मुद्दा बन गई है। आखिर क्यों किसान विभागीय भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 10 June 2026, 2:08 PM IST

Etawah: इटावा जिले की सैफई तहसील के लखरौर गांव में ट्रांसफार्मर चोरी की घटना ने किसानों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। खेतों की सिंचाई के लिए लगाया गया ट्रांसफार्मर चोरी होने के बाद करीब 70 से 75 बीघा में खड़ी मक्का की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से फसल को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है और अब किसानों को अपनी महीनों की मेहनत बर्बाद होने का डर सता रहा है।

इस घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। किसानों का आरोप है कि सूचना देने के कई दिनों बाद भी न तो नया ट्रांसफार्मर लगाया गया और न ही चोरी की घटना का खुलासा हो सका है। ऐसे में उनकी आर्थिक स्थिति पर भी बड़ा खतरा खड़ा हो गया है।

6 जून को दी गई थी विभाग को पहली सूचना

लखरौर गांव के किसान राकेश कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर चोरी होने की जानकारी उन्होंने 6 जून को तत्काल बिजली विभाग को फोन के माध्यम से दी थी। सूचना मिलते ही विभाग से जुड़े दो कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे। किसानों के अनुसार, कर्मचारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, फोटो और वीडियो बनाए और संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) को रिपोर्ट भेजने की बात कही। साथ ही जल्द कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।

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पुलिस को भी दी गई सूचना

जब बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो ग्रामीणों ने पुलिस को भी सूचना दी। गांव के निवासी मान सिंह ने 112 नंबर पर कॉल कर सैफई पुलिस को मामले से अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की ओर से कार्रवाई का भरोसा दिया गया था, लेकिन अभी तक चोरी की घटना का खुलासा नहीं हुआ है। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

लाखों की लागत से तैयार की गई थी फसल

प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्होंने इस बार मक्का की खेती में भारी निवेश किया है। बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर बड़ी रकम खर्च की गई है। फसल अब उस दौर में पहुंच चुकी है जहां नियमित सिंचाई बेहद जरूरी है। बिजली न मिलने के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे फसल सूखने लगी है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो लाखों रुपये का नुकसान होना तय है।

उनका दावा है कि करीब 70 से 75 बीघा क्षेत्र की फसल सीधे तौर पर इस समस्या से प्रभावित हो रही है। कई किसानों की आजीविका इसी फसल पर निर्भर है।

बिजली विभाग के कर्मचारियों पर लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद ग्रामीणों ने कुछ गंभीर सवाल भी उठाए हैं। उनका आरोप है कि ट्रांसफार्मर से तांबा निकालना कोई आसान काम नहीं है और इसके लिए समय और तकनीकी जानकारी दोनों की जरूरत होती है। ग्रामीणों ने संदेह जताया कि बिना स्थानीय जानकारी या सहयोग के इतनी बड़ी चोरी को अंजाम देना संभव नहीं लगता। कुछ किसानों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

किसानों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और बिजली विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए ताकि खेतों तक बिजली पहुंच सके और फसल को बचाया जा सके। इसके साथ ही ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर चोरी की घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।

फसल बचाने की जंग में किसान

लखरौर गांव के किसान इस समय दोहरी चुनौती का सामना कर रहे हैं। एक तरफ खड़ी फसल को बचाने की चिंता है तो दूसरी ओर चोरी की घटना का खुलासा न होने से असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है।

Location :  Etawah

Published :  10 June 2026, 2:08 PM IST