
पुलिस ने साइबर ठगी के पांच मामलों में 31,500 रुपये वापस (Img: Dynamite News)
Gorakhpur: साइबर ठगी का शिकार होकर अपनी मेहनत की कमाई गंवाने वाले पांच लोगों के लिए चिलुआताल पुलिस की साइबर हेल्पडेस्क राहत लेकर आई। अलग-अलग तरीकों से हुई साइबर ठगी की शिकायतों पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और कुल 31,500 रुपये वापस कराने में सफलता हासिल की। इन मामलों में ठगों ने कभी भुगतान के दौरान गलती का फायदा उठाया तो कभी मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल कराकर रकम उड़ा ली।
पुलिस के मुताबिक साइबर अपराध की शिकायत मिलते ही समय पर कार्रवाई करना बेहद जरूरी होता है। इसी के तहत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक उत्तरी और पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज के पर्यवेक्षण में चिलुआताल थानाध्यक्ष सूरज सिंह के नेतृत्व में साइबर हेल्पडेस्क टीम ने मामलों पर काम किया।
पुलिस की कोशिशों के बाद पांचों पीड़ितों की कुल 31,500 रुपये की रकम वापस कराई गई।
पहले मामले में एक महिला खरीदारी कर रही थीं। इस दौरान देय रकम से अधिक भुगतान हो गया। मामला साइबर हेल्पडेस्क तक पहुंचा तो पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई शुरू की। प्रयास के बाद महिला के 3,900 रुपये वापस कराए गए। दूसरे मामले में ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान एक युवक की रकम चली गई थी। शिकायत मिलने पर पुलिस ने संबंधित मामले में कार्रवाई की और 7,000 रुपये वापस कराने में सफलता पाई।
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तीसरे मामले में ठगी का तरीका और भी खतरनाक था। पीड़ित के मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल कराई गई, जिसके बाद उसके साथ साइबर फ्रॉड हुआ। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की और 5,000 रुपये वापस कराए। पांचवें मामले में भी लगभग इसी तरह APK फाइल के जरिए ठगी की गई थी। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद पीड़ित को 5,600 रुपये वापस मिले।
चौथे मामले में जालसाज ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया-धमकाया। साइबर ठग ने पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर उससे पैसे ऐंठ लिए। शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर हेल्पडेस्क ने मामले में तेजी से कार्रवाई की और 10,000 रुपये वापस कराने में सफलता हासिल की।
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इन पांच मामलों को मिलाकर पुलिस ने कुल 31,500 रुपये पीड़ितों को वापस कराए। पुलिस की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए राहत है, जो साइबर ठगी के बाद अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद छोड़ देते हैं। कार्रवाई में थानाध्यक्ष सूरज सिंह, साइबर नोडल उपनिरीक्षक सच्चिदानन्द पाण्डेय, उपनिरीक्षक अन्जना कुशवाहा और आरक्षी पंकज पाण्डेय और विवेक चौरसिया शामिल रहे।
Location : Gorakhpur
Published : 12 September 2026, 8:09 PM IST