
कोर्ट ने दोषी को सुनाई उम्रकैद (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर में करीब दो दशक पहले हुए एक हत्या के मामले में आखिरकार अदालत का फैसला आ गया है। जिस मुकदमे की सुनवाई लंबे समय से चल रही थी, उसमें न्यायालय ने अभियुक्त रामकरन को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वर्ष 2005 में थाना बेलघाट में दर्ज इस मामले में फैसला आने के बाद पुलिस ने इसे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया है। पुलिस के मुताबिक, मुकदमे की लगातार निगरानी और न्यायालय में साक्ष्यों को मजबूती से रखने की वजह से अभियुक्त को सजा दिलाने में मदद मिली।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, हत्या का यह मामला वर्ष 2005 का है। उस समय थाना बेलघाट में हत्या के आरोप में मुकदमा अपराध संख्या 250/05 दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 34 के तहत कार्रवाई की गई थी। मुकदमे में रामकरन पुत्र भुलई, निवासी नरगड़ा शिवदत्त सिंह, थाना बेलघाट, जनपद गोरखपुर को अभियुक्त बनाया गया था। हत्या जैसे गंभीर अपराध से जुड़े इस मुकदमे की सुनवाई न्यायालय में चली। मामले के विचाराधीन रहने के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में पैरवी की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अभियुक्त के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों और मामले में उपलब्ध तथ्यों पर विचार किया। इसके बाद न्यायालय ने रामकरन को हत्या के अपराध में दोषी करार दिया।
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उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चल रहे इस अभियान के तहत पुराने और गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी पर जोर दिया जा रहा है। गोरखपुर में भी इसी अभियान के तहत इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान लगातार निगरानी की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना बेलघाट के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने मामले की प्रगति पर नजर रखी। पुलिस की ओर से न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई और अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय बनाकर मुकदमे की सुनवाई में सहयोग किया गया।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) रविन्द्र कुमार सिंह, श्रद्धानंद पाण्डेय और शरदेन्दु प्रताप नारायण सिंह ने पैरवी की। पुलिस के अनुसार, मुकदमे की सुनवाई के दौरान इन अधिवक्ताओं की ओर से प्रभावी तरीके से पक्ष रखा गया। न्यायालय में हुई सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाया। गोरखपुर पुलिस ने इस फैसले को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। पुलिस का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में न्यायालय के सामने मजबूत पैरवी और मुकदमों की लगातार निगरानी बेहद जरूरी है।
Location : Gorakhpur
Published : 3 November 2026, 8:42 PM IST