
कोर्ट ने आठ दोषियों को सुनाई सजा (Img: AI Generated Image)
Gorakhpur: गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के महरी गांव में वर्ष 2019 में हुए हत्या के मामले में करीब सात साल बाद अदालत ने फैसला सुना दिया है। जिला एवं सत्र न्यायालय गोरखपुर ने मामले में नामजद आठ अभियुक्तों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
लंबे समय से चल रहे इस मुकदमे में फैसला आने के बाद पुलिस की ओर से की गई पैरवी और मॉनिटरिंग सेल की भूमिका भी चर्चा में रही। पुलिस के मुताबिक, मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने साक्ष्य और अन्य तथ्यों को मजबूती से रखा।
यह मामला पिपराइच थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 551/2019 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 302/149, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय गोरखपुर में चली। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और की गई पैरवी के आधार पर अदालत ने सभी आठ अभियुक्तों को संबंधित अपराधों में दोषी ठहराया।
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अदालत ने रामप्रित पुत्र रामलगन, अमेरिका पुत्र झिन्नू, आसमान पुत्र झिन्नू, प्रसाद उर्फ रामप्रसाद पुत्र स्व. लगन, जितेन्द्र पुत्र रामपृत, अवधेश पुत्र अमेरिका, मुंजेश पुत्र आसमान और उमाशंकर पुत्र रामदुलारे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार, सभी दोषी महरी गांव के रहने वाले हैं। अदालत ने प्रत्येक पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पुलिस ने बताया कि यह दोषसिद्धि उत्तर प्रदेश में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत मुकदमों में प्रभावी पैरवी का हिस्सा है। इस अभियान के तहत गंभीर अपराधों के मामलों में अभियोजन और पुलिस स्तर पर लगातार पैरवी और सुनवाई की निगरानी की जाती है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश के बाद गंभीर मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए संबंधित टीमों को मुकदमों की पैरवी पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में पिपराइच थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने भी इस मामले की सुनवाई पर नजर रखी।
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मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से DGC प्रियानन्द सिंह और ADGC जयनाथ यादव ने पैरवी की। पुलिस का कहना है कि गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी के जरिए दोषसिद्धि की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
Location : Gorakhpur
Published : 23 September 2026, 9:28 AM IST