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FIR दर्ज (Img: Google)
Agra: लोहामंडी थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फर्जी शिकायत भेजकर पूरे मामले को गलत दिशा देने के आरोप में एक ही परिवार के तीन लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि न सिर्फ फर्जी हस्ताक्षर किए गए, बल्कि आम लोगों के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर शिकायत को आधिकारिक रूप देने की कोशिश की गई।
यह पूरा विवाद जयपुर हाउस, लोहामंडी निवासी पं. नवीन शर्मा से जुड़ा है। उन्होंने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि उनकी सोसाइटी में रहने वाले कुछ लोगों द्वारा उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से झूठी शिकायतें भेजी जा रही हैं, जिससे उनकी छवि खराब की जा सके।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मनीषा विहार, शास्त्रीपुरम निवासी नवीन कुमार विद्यार्थी की बहू अप्रा शर्मा ने पं. नवीन शर्मा की सोसाइटी में एक प्लॉट खरीदा था। प्लॉट की खरीद-बिक्री के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने लगा और शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया।
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मामले में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि 26 जनवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय को एक शिकायत पत्र भेजा गया, जिसमें शिकायतकर्ता के रूप में ब्रजेश कुमार, रामवीर और दुष्यंत दीक्षित के नाम दर्ज थे। लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि इन तीनों व्यक्तियों ने किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं की थी। उनके नाम और पहचान का दुरुपयोग किया गया और कथित तौर पर उनके फर्जी हस्ताक्षर भी बनाए गए।
शिकायत में न केवल नामों का गलत इस्तेमाल किया गया, बल्कि हस्ताक्षर भी नकली पाए गए। इसके अलावा लिखावट में भी बदलाव कर पत्र को असली दिखाने की कोशिश की गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा पत्र सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया था ताकि उसे सरकारी शिकायत के रूप में मान्यता मिल सके।
इसके बाद 25 जनवरी 2026 को एक और शिकायती पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया। इस बार कॉलोनी के सुनील कुमार पाराशर का नाम और मोबाइल नंबर इस्तेमाल किया गया। जब सुनील कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कोई शिकायत नहीं भेजी और न ही इस मामले से उनका कोई संबंध है। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी संबंधित दस्तावेज मंगाए जा रहे हैं और शिकायत के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है।
इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम भूमिका कोर्ट के आदेश की रही, जिसके आधार पर थाना लोहामंडी में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आखिर किसने और किस उद्देश्य से फर्जी शिकायतें भेजकर प्रशासनिक तंत्र को गुमराह करने की कोशिश की। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने कहा है कि जांच में सभी पहलुओं को शामिल किया जा रहा है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।
Location : Agra
Published : 12 June 2026, 12:33 PM IST