फतेहपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: दहेज के लिए विवाहिता की हत्या मामले में पति समेत तीन को आजीवन कारावास

फतेहपुर की अदालत ने दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता आराधना देवी को जहर देकर मारने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश ने पति निरंजन पाल समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 4 November 2026, 5:28 PM IST

Fatehpur: दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने और उसकी हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय फतेहपुर की अदालत ने पति समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, असोथर थाना क्षेत्र के हरनवा निवासी रामसहाय ने अपनी पुत्री आराधना देवी की शादी आठ मई 2021 को खागा थाना क्षेत्र के भोगलपुर गांव निवासी निरंजन पाल के साथ की थी। शादी में वादी ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज और घरेलू सामान दिया था। आरोप था कि शादी के बाद जब आराधना विदा होकर ससुराल पहुंची तो ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज के रूप में एक लाख रुपये नकद और सोने की जंजीर की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। आराधना जब भी मायके आती थी तो परिजनों को ससुराल में मारपीट और प्रताड़ना की जानकारी देती थी।

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आरोपी को लेकर जाती पुलिस (सोर्स-डाइनामाइट न्यूज़)

अभियोजन के मुताबिक, एक अप्रैल 2022 को आराधना की मौत की सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग उसकी ससुराल पहुंचे। वहां आराधना मृत अवस्था में पड़ी मिली। आरोप लगाया गया कि ससुरालीजनों ने उसे जहर देकर उसकी हत्या कर दी थी। विवेचना के दौरान परीक्षण में मृतका के शरीर में एल्युमिनियम फास्फाइड विष पाए जाने की पुष्टि हुई।

मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के पीठासीन अधिकारी अजय सिंह-प्रथम की अदालत में हुई। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर पति निरंजन पाल, रामप्रताप और सुधा रानी को दोषसिद्ध ठहराया।

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अदालत ने तीनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304-बी के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त धारा 498-ए के तहत प्रत्येक को दो वर्ष का कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत प्रत्येक को एक वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।

Location :  Fatehpur

Published :  4 November 2026, 5:28 PM IST