Delhi-NCR में अभी से हवा हुई जहरीली: दिवाली से पहले कई इलाकों में AQI 400 के पार, ब्लैक कार्बन ने बढ़ाई चिंता

दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। कई इलाकों में AQI 400 के पार दर्ज किया गया है। पंजाब में पराली जलने से हवा में घुल रहे ब्लैक कार्बन ने आम लोगों और मरीजों की मुश्किलें और अधिक बढ़ा दी हैं।

Updated : 4 November 2026, 5:27 PM IST
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New Delhi: दिवाली में अभी 4-5 दिन बाकी हैं, लेकिन दिल्ली-एनसीआर के आसमान पर अभी से जहरीली हवा की चादर तनने लगी है। त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले ही क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है, जिससे आम लोगों की सेहत पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हवा में घुला यह जहर फेफड़ों के साथ-साथ दिल और दिमाग पर भी बुरा असर डाल सकता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 से 400 के बीच दर्ज किया गया है, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। बुधवार सुबह के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली का कुल एक्यूआई 377, गुरुग्राम में 324, नोएडा में 314, ग्रेटर नोएडा में 266 और गाजियाबाद में 236 दर्ज किया गया।

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वहीं, स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के द्वारका, मुंडका और जहांगीरपुरी तथा नोएडा के सेक्टर 62 जैसे इलाकों में AQI 426 से 450 के करीब पहुंच गया है। मंगलवार को भी दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर हिस्सों में एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया था।

AQI Crosses 400 in Delhi-NCR

दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण ने पकड़ी रफ्तार (सोर्स-Pinterest)

इस बिगड़ते हालात के पीछे सिर्फ स्थानीय प्रदूषण ही नहीं, बल्कि पराली का धुआं और ब्लैक कार्बन भी एक बड़ा कारण है। PU, PGI और IIT दिल्ली की एक स्टडी में सामने आया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की हवा में मौजूद ब्लैक कार्बन का 48 प्रतिशत हिस्सा फसल अवशेष जलाने से निकलता है। पंजाब में पराली जलने से उठने वाला यह हानिकारक ब्लैक कार्बन हवा में तैरता रहता है और पीएम 2.5 का प्रमुख हिस्सा बनकर दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश के आसपास के इलाकों को भी प्रभावित कर रहा है। यह वही काला धुआं जैसा सूक्ष्म कण है जो डीजल गाड़ियों या लकड़ी जलाने से निकलता है।

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इस जहरीली हवा का असर केवल बीमार लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ इंसानों को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। जिन लोगों को पहले से अस्थमा, सांस की बीमारी, फेफड़ों या दिल की समस्या है, उनके लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। चिकित्सकों के मुताबिक, इस हवा के संपर्क में आने से खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन, सांस फूलने और सीने में भारीपन जैसी परेशानियां आम हो रही हैं।

Location :  New Delhi

Published :  4 November 2026, 5:27 PM IST

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