
अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर विरोध (Source: Dynamite News)
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंगलवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी को शिकायती पत्र सौंपकर मुकदमा वापस लेने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित अधिवक्ता को सुरक्षा देने और सदर कोतवाल के निलंबन की मांग की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रीतम मिश्रा की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। अधिवक्ताओं का आरोप है कि संगठन के सदस्य राजेश मणि त्रिपाठी और पुरेंद्रनाथ त्रिपाठी के खिलाफ सदर कोतवाली में 20 सितंबर 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, यह मुकदमा अपराध संख्या 669 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 329(3), 324(3), 352 और 303 में दर्ज किया गया है।
अधिवक्ता राजेश मणि त्रिपाठी का कहना है कि वह अपनी भूमिधरी की भूमि संख्या 2715 पर बरसात के दौरान झाड़ियां अधिक उग आने के कारण 12 सितंबर को मजदूरों से सफाई करा रहे थे। इसी दौरान आइकॉन शुगर मिल के मालिक जावेद और अफजासल, शारदा तथा परमहंस ने जमीन को शुगर मिल से संबंधित बताते हुए आपत्ति जताई।
अधिवक्ता के मुताबिक, संबंधित लोगों की तहरीर पर पुलिस मौके पर पहुंची और काम रुकवा दिया। उनका आरोप है कि पुलिस उन्हें थाने ले गई, जहां बैठाकर रखा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बाउंड्री के अंदर बने कृषि कक्ष में रखे करीब 70 हजार रुपये के सामान को उठा लिया गया।
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग की। उन्होंने अधिवक्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सदर कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि किसी अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई से पहले मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने शुगर मिल प्रबंधन की भूमिका की जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। जरूरत पड़ने पर प्रदेश स्तर पर भी अपनी आवाज उठाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक मामला पहुंचाने की बात कही।
प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल रहा। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य निष्पक्ष जांच, अधिवक्ता के अधिकारों और सुरक्षा सुनिश्चित कराना है।
Location : Deoria
Published : 23 September 2026, 7:31 AM IST