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PM किसान और Google Pay के नाम पर साइबर ठगी(Img: Dynamite News)
Deoghar: साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो अलग-अलग सरकारी योजनाओं और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इलियास अंसारी और साहिल अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को PM किसान योजना, Google Pay कस्टमर केयर और Paytm अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान लोन, कैशबैक और ऑनलाइन फायदे का लालच देकर उनसे जरूरी बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती थी।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठग पहले लोगों को आकर्षक ऑफर या सरकारी योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देते थे। इसके बाद मोबाइल पर बातचीत के जरिए उन्हें विश्वास में लेकर बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन से जुड़ी जानकारी हासिल की जाती थी। इसी जानकारी का इस्तेमाल कथित तौर पर खातों से पैसे उड़ाने के लिए किया जाता था।
देवघर एसपी प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। साइबर डीएसपी कैलाश महतो के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी।
पुलिस को जब दोनों आरोपियों के दोबारा साइबर ठगी की तैयारी में होने की सूचना मिली, तो टीम ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रेसिंग को गिरफ्तारी में अहम कड़ी माना जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने चार मोबाइल फोन और कई SIM कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइल और सिम की तकनीकी जांच कर रही है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन नंबरों से कितने लोगों को फोन किया गया और कथित ठगी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
देवघर में साइबर अपराध के मामलों को लेकर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। पुलिस लोगों से अपील करती रही है कि किसी भी सरकारी योजना, बैंक, Google Pay, Paytm या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के नाम पर फोन आने पर अपनी OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक डिटेल या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बरामद मोबाइल और SIM की जांच में साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े और कितने नाम सामने आते हैं।
Location : Deoghar
Published : 8 September 2026, 11:53 AM IST