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ऑपरेशन गैंग बस्ट को सफल बनाने के लिए दिल्ली पुलिस के करीब 9,000 पुलिसकर्मियों को मैदान में उतारा गया था। इन विशेष टीमों ने विभिन्न राज्यों में कुल 4,299 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ऑपरेशन के दौरान 6,500 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई।
मौके पर जांच करती पुलिस
New Delhi: ऑपरेशन गैंग बस्ट को सफल बनाने के लिए दिल्ली पुलिस के करीब 9,000 पुलिसकर्मियों को मैदान में उतारा गया था। इन विशेष टीमों ने विभिन्न राज्यों में कुल 4,299 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ऑपरेशन के दौरान 6,500 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिसके आधार पर कई बड़े आपराधिक नेटवर्क और उनके संपर्कों का खुलासा हुआ है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य गैंगस्टर्स, शूटर्स, ड्रग तस्करों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों की पूरी चेन को तोड़ना था। खासतौर पर उन नेटवर्क को निशाना बनाया गया, जो जेल या विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर्स के इशारों पर वारदातों को अंजाम दिलाते थे।
इस विशेष अभियान के जरिए अपराध की दुनिया में एक्टिव गैंग्स, उनके गुर्गों और नेटवर्क पर करारा प्रहार किया गया। 48 घंटे तक चले इस मेगा ऑपरेशन में 854 अपराधियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 280 कुख्यात गैंगस्टर्स शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस की ओर से चलाया गया यह अभियान न केवल राजधानी तक सीमित रहा, बल्कि दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। पुलिस के अनुसार, जिन 854 अपराधियों को हिरासत में लिया गया है, उनमें कुछ नाबालिग भी हैं. पुलिस के अनुसार, ये सभी अपराधी रंगदारी, हत्या, फिरौती, ड्रग तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और संगठित अपराध की अन्य गतिविधियों में संलिप्त थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, डकैती और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामलों में शामिल आदतन अपराधी और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे ऑपरेशन पर लगातार नजर बनाए रखी। जिला पुलिस और स्पेशल यूनिट्स को आपसी तालमेल के साथ तेजी और सटीकता से कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस समन्वित प्रयास से ऑपरेशन को सफल बनाया जा सका।
दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ का उद्देश्य केवल गिरफ्तारियां करना नहीं, बल्कि राजधानी में सक्रिय गैंगस्टरों और आपराधिक तत्वों को कड़ा संदेश देना भी है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखने की बात कही है, ताकि दिल्ली को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।