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मेरठ के सरधना क्षेत्र में कश्यप समाज के युवक रानू कश्यप की जिंदा जलाकर हत्या का आरोप लगा है। परिजनों ने लूट और हत्या की साजिश का दावा किया, जबकि पुलिस की कहानी अलग बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव है और सियासत पूरी तरह गरमा गई है।
मेरठ में दलित युवक की जिंदा जलाकर हत्या
Meerut: मेरठ में दलित उत्पीड़न से जुड़ी एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अभी हाल ही में एक दलित महिला की मौत को लेकर मचा बवाल पूरी तरह थमा भी नहीं था कि अब कश्यप समाज के युवक रानू कश्यप की निर्मम हत्या ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। यह सनसनीखेज मामला मेरठ के सरधना इलाके का बताया जा रहा है, जहां युवक को जिंदा जलाकर मार डालने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मृतक की पहचान रानू कश्यप के रूप में हुई है, जो कश्यप समाज से ताल्लुक रखता था। परिजनों का आरोप है कि रानू के साथ क्रूरता की सारी हदें पार की गईं। पहले उसे शराब पिलाई गई, फिर उसके पास मौजूद करीब 80 हजार रुपये लूट लिए गए। इसके बाद आरोपियों ने रानू को जिंदा जला दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में परिजनों ने अपनी आपबीती साझा करते हुए हत्या को सोची-समझी साजिश बताया। परिजनों का कहना है कि रानू को जानबूझकर बुलाया गया, उसे नशे में धुत किया गया और फिर लूटपाट के बाद बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। परिवार ने इसे सीधा-सीधा हत्या का मामला बताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
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इस मामले में पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस का दावा है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। हालांकि पुलिस की कहानी परिजन द्वारा लगाए गए आरोपों से पूरी तरह मेल नहीं खा रही है। इसी वजह से परिवार और समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
घटना के सामने आने के बाद सरधना क्षेत्र में तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन लोगों के बीच डर और आक्रोश साफ देखा जा सकता है। कश्यप समाज के लोगों में घटना को लेकर गुस्सा है और न्याय की मांग तेज हो गई है।
रानू कश्यप हत्याकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि सरधना क्षेत्र के ज्वालागढ़ में कश्यप समाज के एक युवक को जिंदा जलाकर मारने का जो कुकृत्य किया गया है, उसके खिलाफ पूरे पीडीए समाज की ओर से आवाज उठाई जाएगी।
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यूपी में मेरठ के सरधना क्षेत्र में पिछड़े वर्ग से कश्यप समाज के एक युवक को जलाकर मार देने की अति क्रूर और शर्मनाक घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। उन्होंने शासन और प्रशासन से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त और सक्रिय कदम उठाने की मांग की।
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लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से दलित और पिछड़ा समाज में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अपराधियों में कानून का डर खत्म होता जा रहा है। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड समेत कई अहम बिंदुओं की जांच की जा रही है। लूट, हत्या और जिंदा जलाने के आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है।
मेरठ में एक के बाद एक दलित और पिछड़े समाज से जुड़े लोगों की मौत की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रानू कश्यप की मौत ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।