
पुलिस के पत्र से भड़का विवाद
Bhopal: राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में रहने वाली सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जो मामला शुरू में एक घरेलू विवाद और संदिग्ध मौत के रूप में सामने आया था, वह अब प्रशासन, पुलिस, न्यायालय और सियासी हलकों तक पहुंच चुका है। ताजा घटनाक्रम में कटारा हिल्स थाना पुलिस ने मृतका के पिता नवनिधि शर्मा को एक पत्र भेजा है, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
पुलिस द्वारा भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि एम्स भोपाल में ट्विशा का शव वर्तमान में माइनस 6 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा गया है, जबकि लंबे समय तक शव को सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है, जो सुविधा एम्स भोपाल में उपलब्ध नहीं है। पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि परिजन दोबारा पोस्टमॉर्टम कराना चाहते हैं तो उस पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन शव को डिकम्पोज होने से बचाने के लिए उसे जल्द से जल्द प्राप्त कर लिया जाए। इसी पत्र ने मामले को एक नए विवाद में बदल दिया है।
ट्विशा शर्मा की मौत 11 मई की रात करीब 10 बजे हुई थी, जब उन्हें घर में फांसी के फंदे पर लटका पाया गया। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल एम्स भोपाल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एम्स रिकॉर्ड के अनुसार, उन्हें 11-12 मई की रात करीब 12 बजे मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था और 12 मई की सुबह पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद परिजनों ने इस मामले को संदिग्ध बताते हुए दहेज हत्या और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। 13 मई को परिजनों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस ने गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया। इसी दिन आरोपी पक्ष ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया और 14 मई को अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मंजूर कर ली।
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15 मई को परिजनों ने एम्स की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया और मामले की जांच दिल्ली पुलिस से कराने की मांग उठाई। इसके बाद 17 मई को परिजनों ने सीएम हाउस के बाहर धरना दिया और पुलिस आयुक्त से मुलाकात भी की। 18 मई को दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के लिए याचिका दायर की गई, जबकि उसी दिन पुलिस ने परिजनों को शव ले जाने के लिए कहा, अन्यथा अंतिम संस्कार की बात भी सामने आई। 20 मई को यह मामला और गंभीर हो गया जब कटारा हिल्स पुलिस ने पत्र भेजकर शव की स्थिति और डीप फ्रीजर की अनुपलब्धता का हवाला दिया। उसी दिन अदालत में दोबारा पोस्टमॉर्टम को लेकर सुनवाई हुई और राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए मध्यप्रदेश के डीजीपी से रिपोर्ट मांगी। इसी दिन राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की।
इस बीच मृतका के परिजनों ने भोपाल मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मामले में पूरी सहायता करेगी और यदि जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच के लिए पत्र लिखा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि दोबारा पोस्टमॉर्टम का निर्णय अदालत करेगी, लेकिन यदि परिजन चाहें तो शव को दिल्ली एम्स ले जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बाद परिजनों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन जांच को लेकर असंतोष अभी भी बना हुआ है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा है कि विवाह के मात्र पांच महीने के भीतर ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत हुई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए दहेज उत्पीड़न और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही पूर्व सैनिकों और सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
Location : Bhopal
Published : 20 May 2026, 6:15 PM IST