
चढ़ावा चोरी के आठों आरोपित भेजे गए जेल (Img: AI Generated Image)
Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी आठ नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दर्ज हुई FIR के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
SIT की रिपोर्ट के बाद श्रीराम जन्मभूमि थाने में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। FIR में मंदिर व्यवस्था से जुड़े रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के अलावा ट्रस्ट कर्मी अनुकल्प मिश्रा, उनके बहनोई लवकुश मिश्रा, टिन्नू के भतीजे मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, अविनाश शुक्ल और रिटायर्ड बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को नामजद किया गया है।
मामले की विवेचना की जिम्मेदारी पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष त्रिपाठी को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तीन दिन की न्यायिक हिरासत के बाद आरोपियों को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद पुलिस आरोपियों की रिमांड की मांग कर सकती है ताकि उनसे पूछताछ कर पूरे मामले की गहराई तक पहुंचा जा सके। जांच टीम अब आरोपियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, नियुक्ति प्रक्रिया और अन्य सबूतों की पड़ताल कर रही है।
चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। जांच एजेंसियों के अनुसार, टिन्नू यादव की भूमिका को अलग-अलग स्तर पर जांचा जा रहा है। बताया जा रहा है कि टिन्नू मंदिर व्यवस्था से जुड़े लोगों के संपर्क में था और इसी वजह से उसकी भूमिका को गंभीरता से देखा जा रहा है।
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इस मामले में अब जांच का दायरा सिर्फ आरोपियों तक सीमित नहीं रहने वाला है। पुलिस उन लोगों तक भी पहुंचने की तैयारी कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर आरोपियों की नियुक्ति या चयन में भूमिका निभाई। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि गणना करने वाले कर्मचारियों की भर्ती किसकी सिफारिश पर हुई थी, बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका क्या थी और पूरी प्रक्रिया की निगरानी किसके जिम्मे थी।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि चढ़ावे की व्यवस्था में कहां-कहां लापरवाही हुई। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इस कथित गड़बड़ी में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल व दस्तावेजी सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जुड़ सकती हैं।
Location : Aodhya
Published : 26 June 2026, 6:19 PM IST