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हत्या के दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक (Img: Pinterest)
फिरोजाबाद: डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या के दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को जिला जज की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। फैसले के बाद मासूम की मां रति शर्मा का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा कि अदालत ने न्याय किया है, लेकिन एक मां के रूप में उन्हें तब शांति मिलेगी जब दोषी को फांसी पर चढ़ते हुए अपनी आंखों से देखेंगी।
फैसले के बाद रति शर्मा ने उस दर्दनाक दिन को याद करते हुए कहा कि उनका बेटा अभी ठीक से बोलना भी नहीं सीख पाया था। वह सिर्फ अपनी मां को पहचानता था। उन्होंने कहा कि जिस बेरहमी से उनके मासूम बेटे की जान ली गई, उसे याद कर आज भी रूह कांप जाती है।
रति ने कहा, "कानून ने अपना काम किया है, लेकिन मैं चाहती हूं कि दोषी को फांसी पर लटकते हुए अपनी आंखों से देखूं। तभी मेरी आत्मा को शांति मिलेगी।"
अभियोजन के अनुसार, आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने की रंजिश में डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या कर दी थी। इस जघन्य वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
एसएसपी आदित्य लांग्हे के निर्देशन में पुलिस ने मामले की तेज़ी से जांच की। इंस्पेक्टर अनुज कुमार की टीम ने घटना के छह दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी। अदालत में 13 महत्वपूर्ण गवाह पेश किए गए, जिनके आधार पर जिला जज डॉ. बब्बू सारंग ने आरोपी को मौत की सजा सुनाई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे के शरीर पर बाहर से खून के निशान बेहद कम थे, लेकिन अंदरूनी चोटें बेहद गंभीर थीं। रिपोर्ट में सिर, गर्दन और पसलियों में गंभीर क्षति का उल्लेख किया गया, जिसके आधार पर अभियोजन ने अदालत में मजबूत साक्ष्य पेश किए।
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मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक ऑडियो भी मिला, जिसे पीड़ित परिवार ने साक्ष्य के रूप में सौंपा। अभियोजन के अनुसार, इसमें आरोपी कथित तौर पर घटना को दुर्घटना बताने के लिए आर्थिक लालच देने की बात करता सुनाई देता है। यह भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों का हिस्सा रहा।
Location : Firozabad
Published : 11 July 2026, 3:28 PM IST
Topics : Aarav Murder Case Court Verdict up crime