Share Market Crash: बजट के बाद बाजार में भारी भूचाल, सेंसेक्स 2000 अंक टूटा; ये रहे बड़े कारण

बजट 2026 के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 2000 अंक टूट गया जबकि निफ्टी 24,800 के नीचे फिसल गया। F&O पर STT बढ़ोतरी, बायबैक टैक्स, मुनाफावसूली और मेटल शेयरों में कमजोरी बाजार क्रैश के प्रमुख कारण रहे।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 1 February 2026, 3:02 PM IST

New Delhi: केंद्रीय बजट 2026 पेश होते ही भारतीय शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। बजट से पहले जहां निवेशकों में उम्मीद की किरण नजर आ रही थी, वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण के साथ ही बाजार की दिशा पूरी तरह बदल गई। शुरुआती बढ़त के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट शुरू हुई और कुछ ही घंटों में बाजार क्रैश की स्थिति में पहुंच गया।

सेंसेक्स-निफ्टी में रिकॉर्ड गिरावट

कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 2000 अंकों तक टूट गया, जबकि निफ्टी फिसलकर 24,800 के अहम स्तर के नीचे चला गया। दोपहर करीब 12:30 बजे सेंसेक्स 1,952 अंकों की गिरावट के साथ 80,613 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 637 अंकों की कमजोरी के साथ 24,781 के आसपास पहुंच गया। इस गिरावट से निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए।

शेयर बाजार क्रैश के 5 बड़े कारण

1. F&O पर STT बढ़ने से टूटा निवेशकों का भरोसा

बजट में फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने की घोषणा ने बाजार को सबसे बड़ा झटका दिया। फ्यूचर्स पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया। निवेशक जहां टैक्स में राहत की उम्मीद कर रहे थे, वहीं बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट बिगाड़ दिया।

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2. बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स का प्रस्ताव

सरकार द्वारा शेयर बायबैक को कैपिटल गेन के दायरे में लाने के प्रस्ताव ने भी बाजार को निराश किया। इस फैसले से कंपनियों और निवेशकों दोनों पर अतिरिक्त टैक्स बोझ बढ़ने की आशंका है, जिससे इक्विटी मार्केट में दबाव और गहरा गया।

3. ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली

बजट से पहले बाजार में तेजी के चलते कई निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। जैसे ही बजट से उम्मीदों के अनुरूप संकेत नहीं मिले, निवेशकों ने बिकवाली तेज कर दी, जिससे गिरावट और गहरी होती चली गई।

4. बजट डे की ऐतिहासिक अस्थिरता

विशेषज्ञों के मुताबिक बजट वाले दिन शेयर बाजार में अस्थिरता सामान्य बात है। बीते 15 वर्षों में अधिकांश मौकों पर बजट के दिन निफ्टी में 2 से 3 प्रतिशत तक का उतार-चढ़ाव देखा गया है। इस बार भी वही ट्रेंड दोहराया गया।

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5. मेटल सेक्टर में लगातार कमजोरी

मेटल शेयरों में जारी गिरावट ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला। निफ्टी मेटल इंडेक्स में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। हिंदुस्तान कॉपर, नाल्को, हिंदुस्तान जिंक, वेदांता और हिंडाल्को जैसे दिग्गज शेयर बुरी तरह टूट गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 1 February 2026, 3:02 PM IST