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केंद्रीय बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी गोपनीय फाइल है। इतिहास में दो बार लीक हुआ, अब पूरी तरह डिजिटल और कड़ी सुरक्षा के बीच पेश होगा।
भारत का केंद्रीय बजट
New Delhi: भारत का केंद्रीय बजट सिर्फ एक वित्तीय दस्तावेज नहीं है, बल्कि देश की सबसे बड़ी 'गोपनीय फाइल' भी माना जाता है। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 9वां बजट संसद में पेश करेंगी। बजट पेश होने से लगभग एक हफ्ते पहले नॉर्थ ब्लॉक (वित्त मंत्रालय) का बेसमेंट एक किले में तब्दील हो जाता है।
बजट की छपाई से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ ही लॉक-इन पीरियड शुरू हो जाता है। इस दौरान कर्मचारियों को न फोन इस्तेमाल करने की अनुमति होती है, न ही वे अपने परिवार से मिल सकते हैं। सुरक्षा का यह कड़ा नियम इसलिए रखा गया है ताकि बजट की कोई भी लाइन बाहर न आए।
भारत के इतिहास में दो बार केंद्रीय बजट लीक होने की घटनाएं हुई हैं, जिनसे सरकारें हिल गईं।
1. 1947: अनौपचारिक बातचीत और इस्तीफा
आजाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश होना था। आर.के. शन्मुखम चेट्टी उस समय वित्त मंत्री थे। लेकिन बजट पेश होने से पहले ही ब्रिटेन के तत्कालीन वित्त मंत्री ह्यू डाल्टन ने तंबाकू, बीयर और मुनाफे पर लगने वाले टैक्स की जानकारी एक पत्रकार को दे दी। खबर मात्र 20 मिनट में लीक हो गई। परिणामस्वरूप डाल्टन को माफी मांगनी पड़ी और अंततः उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Img- Internet)
2. 1950: राष्ट्रपति भवन से लीक
1950 तक बजट के दस्तावेज राष्ट्रपति भवन स्थित प्रेस में छपते थे। जॉन मथाई के कार्यकाल में प्रिंटिंग के दौरान जानकारी लीक हो गई। इस कांड के बाद मथाई को इस्तीफा देना पड़ा। यही घटना बजट छपाई की सुरक्षा बढ़ाने का कारण बनी। इसके बाद सरकार ने निर्णय लिया कि बजट अब नॉर्थ ब्लॉक के सुरक्षित बेसमेंट में छपेगा।
आज का बजट पूरी तरह डिजिटल है। प्रिंटेड कॉपियां केवल औपचारिकता के लिए सीमित मात्रा में निकाली जाती हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं:
जैमर लगाए जाते हैं
साइबर सुरक्षा की कई परतें
हर आने-जाने वाले का रिकॉर्ड
इन उपायों से यह सुनिश्चित किया जाता है कि बजट की कोई भी जानकारी लीक न हो और वित्तीय गुप्तता बनी रहे।
केंद्रीय बजट केवल सरकार की वित्तीय योजना नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक सुरक्षा और पारदर्शिता का प्रतीक भी है। पिछले लीक हुए घटनाओं से सबक लेकर अब इसे पूरी तरह सुरक्षित और डिजिटल तरीके से पेश किया जाता है।