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प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
Muzaffarpur: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक पुलिस अधिकारी के आचरण को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। प्रेमी पर धोखा देने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाकर केस दर्ज कराने वाली युवती ने जांच अधिकारी पर ही परेशान करने की शिकायत की। आरोप है कि केस की जांच कर रहा दारोगा युवती को रात में फोन करके अनुचित और आपत्तिजनक बातें करता था।
युवती की शिकायत पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने जांच कराई। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के सत्यापन के बाद अहियापुर थाने में तैनात दारोगा ललन कुमार को निलंबित कर दिया गया। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, युवती ने अहियापुर इलाके के रहने वाले नीरज नवाब के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। युवती का आरोप था कि प्रेम संबंध के दौरान उसे धोखा दिया गया। इसके अलावा, उसकी अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा था और कथित तौर पर आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। इस शिकायत के आधार पर थाने में केस दर्ज किया गया था। मामले की जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर ललन कुमार को सौंपी गई थी।
युवती का आरोप है कि मामले की जांच के दौरान दारोगा उससे फोन पर अनुचित और अमर्यादित बातें करने लगा। कथित तौर पर रात में फोन करके उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। इसके बाद युवती ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर दारोगा के व्यवहार की शिकायत की। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने आरोपों की जांच कराने का फैसला लिया। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जांच एसडीपीओ नगर-2 को सौंपी गई।
अहियापुर थाना (Img- X)
शिकायत के बाद एसडीपीओ नगर-2 ने युवती से पूछताछ की। इस दौरान युवती ने कथित बातचीत से जुड़े कॉल डिटेल और रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई। जांच अधिकारी ने संबंधित साक्ष्यों की पड़ताल की और आरोपित दारोगा से भी पूछताछ की। जांच पूरी करने के बाद एसडीपीओ ने अपनी रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रिपोर्ट और साक्ष्यों के सत्यापन के बाद दारोगा के आचरण को अनुचित पाया गया।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, उपलब्ध साक्ष्यों के सत्यापन में प्रथम दृष्टया सामने आया कि ललन कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पीड़िता के साथ संदिग्ध और अशोभनीय व्यवहार किया। पुलिस अधिकारियों ने इस आचरण को कर्तव्यहीनता और गंभीर अनुशासनहीनता से जुड़ा माना। इसके बाद अहियापुर थाने में तैनात दारोगा को सामान्य जीवनयापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश भी दिया गया है।
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यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि युवती पहले ही कथित धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंची थी। ऐसे में जांच अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों ने पुलिस की जवाबदेही और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, दारोगा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है और विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रेमी के खिलाफ दर्ज मूल मामले की जांच और उसमें होने वाली कार्रवाई की स्थिति अलग से देखी जानी होगी।
Location : Muzaffarpur
Published : 25 October 2026, 12:06 PM IST