कोचिंग सेंटरों पर बिहार सरकार का हंटर: स्कूल-कॉलेज के टाइम पर ताला, जिला प्रशासन को देना होगा एक-एक छात्र का ब्योरा

बिहार सरकार ने कोचिंग सेंटरों के लिए कड़े नियम जारी किए हैं। अब स्कूल-कॉलेज के समय कोचिंग नहीं चलेंगी और संस्थानों को छात्रों का पूरा रिकॉर्ड जिला प्रशासन को देना होगा।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 10 June 2026, 8:10 AM IST
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Patna: बिहार सरकार ने राज्य में संचालित होने वाले कोचिंग संस्थानों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा फैसला सुनाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य को मजबूत बनाने का आधार है।

इसी सोच के साथ कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को एक बेहतर शैक्षणिक माहौल देना और कोचिंग सेंटरों के कामकाज पर निगरानी को मजबूत करना है।

जिला प्रशासन को सौंपना होगा छात्रों का पूरा ब्योरा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर इस बड़े फैसले की जानकारी साझा की। नए नियमों के मुताबिक, बिहार के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने यहां पढ़ रहे सभी छात्रों का पूरा रिकॉर्ड संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं।

इस रिकॉर्ड में छात्रों के नाम, उनके नामांकन (रोल नंबर/आईडी) से जुड़ी जानकारियां और अन्य आवश्यक विवरण शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि इस डेटा से कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी और किसी भी आपात स्थिति या विवाद में प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर सकेगा।

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स्कूल और कॉलेज के समय पर कोचिंग संचालन पर पूरी तरह रोक

बिहार में अक्सर यह शिकायत सामने आती रही है कि छात्र अपनी नियमित स्कूल या कॉलेज की कक्षाएं छोड़कर सीधे कोचिंग सेंटरों का रुख कर लेते हैं। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए सरकार ने शिक्षा विभाग को सख्त नियम तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

अब कोई भी कोचिंग सेंटर स्कूल और कॉलेज के निर्धारित शिक्षण समय के दौरान अपनी कक्षाएं नहीं चला सकेगा। हालांकि, यह नियम उन छात्रों पर लागू नहीं होगा जिन्होंने अपनी स्कूली या महाविद्यालयी (कॉलेज) शिक्षा पूरी कर ली है। इस कदम से छात्र नियमित रूप से अपने स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

शिक्षा में अनुशासन और पारदर्शिता लाना सरकार की प्राथमिकता

सरकार ने साफ कर दिया है कि राज्य में विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना सरकार की मुख्य प्रतिबद्धता है। इसके लिए शिक्षा विभाग जल्द ही एक विस्तृत नियमावली (गाइडलाइंस) तैयार कर उसे लागू करेगा, जिसका उल्लंघन करने वाले कोचिंग सेंटरों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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खान सर और रौशन सर विवाद के बीच आया फैसला

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में बिहार के दो बेहद चर्चित शिक्षकों खान सर और रौशन सर के बीच का विवाद काफी सुर्खियों में रहा था। कोचिंग सेंटरों की कार्यप्रणाली, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर दिए गए बयानों के बाद दोनों के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई थी।

बाद में यह मामला व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर बिहार में कोचिंग सेंटरों के नियमन (Regulation) पर एक व्यापक चर्चा का कारण बन गया, जिसके बाद अब सरकार ने इस क्षेत्र में दखल देकर नए नियम लागू करने का मन बना लिया है।

Location :  Patna

Published :  10 June 2026, 8:10 AM IST

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