गंगा-जमुनी तहजीब की जीती-जागती तस्वीर: जब हिंदू दोस्त के साथ कांवड़ उठाकर निकला मुस्लिम युवक, हर कोई कर रहा सलाम

मुजफ्फरनगर कांवड़ मार्ग से आई यह तस्वीर नफरत फैलाने वालों के मुंह पर करारा तमाचा है। मेरठ के दो दोस्त मिंटू और शाकिर एक साथ 251 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर निकले हैं। सिर पर टोपी पहने शाकिर 'बम-बम भोले' के जयकारे लगा रहा है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 28 July 2026, 12:52 PM IST

Muzaffarnagar: श्रावण मास की औपचारिक शुरुआत से पहले ही हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ते शिवभक्तों का तांता लगना शुरू हो गया है। मुजफ्फरनगर के कांवड़ मार्ग से इस बार एक ऐसी सुखद और प्रेरक तस्वीर सामने आई है, जिसने देश भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

मेरठ के रहने वाले दो पक्के दोस्त मिंटू और शाकिर एक साथ 251 लीटर गंगाजल की भव्य कांवड़ उठाकर आगे बढ़ रहे हैं। यह कांवड़ सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का एक चमकता हुआ मिसाल बन गई है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग उसे काफी पसंद कर रहे हैं।

सिर पर टोपी और जबान पर 'बम-बम भोले'

कांवड़ मार्ग पर जब यह जोड़ी गुजरती है, तो लोग ठहरकर उन्हें देखने लगते हैं। शाकिर सिर पर अपनी पारंपरिक मुस्लिम टोपी पहने, पूरे भक्तिभाव और उत्साह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कांवड़ उठाए चल रहे हैं।

मुंह पर "बम-बम भोले" का जयकारा और चेहरे पर सुकून की मुस्कान यह बयान करती है कि सच्चे दिल से किया गया सम्मान किसी धर्म की बंदिशों का मोहताज नहीं होता। शाकिर का यह दूसरा मौका है जब वह अपने दोस्त मिंटू के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल हुए हैं।

यह रहा वायरल वीडियो

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251 लीटर गंगाजल और अटूट निष्ठा

251 लीटर गंगाजल से भरी भारी-भरकम कांवड़ को संभालना आसान नहीं होता, लेकिन मिंटू और शाकिर का आपसी तालमेल इस सफर को सुगम बना रहा है। दोनों दोस्त हंसते-गाते, झूमते और एक-दूसरे का सहारा बनते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। शाकिर सिर्फ कांवड़ ही नहीं उठा रहे, बल्कि रास्ते में दूसरे थके-हारे कांवड़ियों की सेवा और मदद करने में भी पीछे नहीं रहते, जिससे बाकी श्रद्धालु भी उनकी खूब प्रशंसा कर रहे हैं।

इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म

आज के दौर में जब छोटी-छोटी बातों पर समाज में दूरियां बढ़ाने की कोशिशें की जाती हैं, ऐसे में मिंटू और शाकिर का यह कदम हर किसी को सोचने पर मजबूर करता है। दोनों दोस्तों का साफ कहना है कि इंसानियत और आपसी प्रेम से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करना ही सच्चे समाज की पहचान है।

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कांवड़ मार्ग पर मिल रहा अपार प्यार

मुजफ्फरनगर से गुजरते समय जहां-तहां श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने दोनों दोस्तों का स्वागत किया और उनकी इस मिसाल की सराहना की। यह कांवड़ यात्रा साबित करती है कि जब तक दिल में सच्ची मोहब्बत और भाईचारा है, तब तक कोई भी ताकत समाज में दरार नहीं डाल सकती।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  28 July 2026, 12:34 PM IST