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ब्राजील का काजू का पेड़ (Img: X)
New Delhi: आमतौर पर एक पेड़ का तना एक ही जगह से ऊपर की ओर बढ़ता है। लेकिन ब्राजील का यह काजू का पेड़ इस मामले में बिल्कुल अलग है। इसकी कई शाखाएं ऊपर बढ़ने के बजाय जमीन की ओर झुकती हैं। जमीन को छूने के बाद इनमें से कई शाखाएं जड़ें बना लेती हैं।
समय के साथ इन जड़ों से नए तने निकल आते हैं। खास बात यह है कि ये नए तने मूल पेड़ से जुड़े रहते हैं। यही प्रक्रिया लगातार चलती रही और एक अकेला काजू का पेड़ इतना फैल गया कि अब यह दूर से किसी घने जंगल जैसा नजर आता है।
यह अनोखा काजू का पेड़ ब्राजील के रियो ग्रांडे डो नॉर्ट राज्य में पिरांगी बीच के पास स्थित है। इसे स्थानीय भाषा में ‘काजुएइरो दा प्रायिया’ कहा जाता है, जिसका अर्थ समुद्र तट का काजू का पेड़ है।
अपने असाधारण आकार और फैलाव के कारण यह पेड़ स्थानीय लोगों के साथ-साथ दुनियाभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसकी विशाल शाखाओं और कई तनों को देखकर पहली बार आने वाले लोग अक्सर इसे कई पेड़ों का समूह समझ लेते हैं।
इस विशाल पेड़ को लेकर स्थानीय स्तर पर एक कहानी भी प्रचलित है। बताया जाता है कि साल 1888 में एक मछुआरे ने यहां काजू के दो पौधे लगाए थे। इनमें से एक पौधा सामान्य तरीके से ऊपर बढ़ने के बजाय आसपास की जमीन पर फैलने लगा।
शाखाएं जैसे-जैसे लंबी और भारी होती गईं, उनका सिरा जमीन की ओर झुकता गया। जमीन के संपर्क में आने के बाद कुछ शाखाओं ने जड़ें पकड़ लीं। बाद में इन जड़ों से नए तने निकलने लगे। इसी प्राकृतिक प्रक्रिया ने धीरे-धीरे पेड़ का आकार कई गुना बढ़ा दिया।
इस पेड़ की सबसे खास विशेषता इसकी शाखाओं का जमीन में दोबारा जड़ पकड़ना है। आमतौर पर किसी पेड़ की शाखा जमीन पर गिरने के बाद सूख सकती है या टूट सकती है, लेकिन इस काजू के पेड़ की कई शाखाएं जमीन में जड़ें जमा लेती हैं।
जड़ पकड़ने के बाद ये शाखाएं नए तने का रूप ले लेती हैं। हालांकि ये तने अलग पेड़ों जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन वास्तव में वे एक ही मूल पेड़ से जुड़े हुए हैं। लंबे समय तक चलने वाली इसी प्रक्रिया ने यहां तनों का विशाल नेटवर्क तैयार कर दिया है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, यह विशाल काजू का पेड़ करीब 2 एकड़ यानी लगभग 8,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इसका फैलाव करीब 70 सामान्य आकार के पेड़ों के बराबर बताया जाता है। पेड़ की ऊंचाई करीब 10 से 12 मीटर है, लेकिन इसकी खासियत ऊंचाई से ज्यादा इसका फैलाव है। इसमें 5,000 से अधिक तने बताए जाते हैं। इसकी पत्तियों की संख्या भी लाखों में मानी जाती है।
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इतना विशाल होने के बावजूद यह पेड़ केवल देखने के लिए ही खास नहीं है। इससे हर साल बड़ी मात्रा में काजू भी मिलते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह पेड़ एक साल में करीब 80 हजार काजू पैदा करता है। इसके विशाल फैलाव और घनी पत्तियों के कारण यहां बड़ी मात्रा में छाया भी बनती है। कहा जाता है कि इसकी छाया में एक साथ हजारों लोग आराम कर सकते हैं।
स्थानीय लोग इसे मजाकिया अंदाज में ‘ट्री ऑफ लेजीनेस’ यानी ‘आलस का पेड़’ भी कहते हैं। इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं है। दरअसल, पेड़ की घनी शाखाओं के नीचे काफी ठंडी और आरामदायक छाया मिलती है। स्थानीय मान्यता है कि इसकी छांव में बैठने के बाद लोगों का वहां से उठने का मन नहीं करता। इसी वजह से इसे ‘आलस का पेड़’ कहा जाने लगा।
आज यह विशाल काजू का पेड़ ब्राजील के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शामिल है। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पेड़ के आसपास लोगों के घूमने और इसे करीब से देखने के लिए सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
इसके बीच से गुजरते समय इसकी अनोखी संरचना साफ दिखाई देती है। कहीं मुख्य तना नजर आता है तो कुछ दूरी पर उसी पेड़ की जमीन में जड़ जमा चुकी शाखाएं अलग-अलग पेड़ों जैसी दिखाई देती हैं। यही अनोखी बनावट इस काजू के पेड़ को दुनिया के सबसे दिलचस्प प्राकृतिक अजूबों में शामिल करती है।
Location : New Delhi
Published : 31 August 2026, 4:38 PM IST
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