
New Delhi: दिल्ली का जंतर-मंतर इस समय युवाओं और आंदोलनकारियों के भारी गुस्से और अनोखे विरोध प्रदर्शनों का गवाह बन रहा है। प्रदर्शन स्थल पर एक ओर जहाँ महात्मा गांधी के वेश में पहुंचे एक बुजुर्ग ने अहिंसा और सत्याग्रह का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर हाथों में 'चाय बेचो देश नहीं' जैसे तीखे स्लोगन लिखे पोस्टर थमे युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं का आरोप है कि पिछले 10 वर्षों में 90 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाएं या तो लीक हुईं या रद्द कर दी गईं, जिससे देश के युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। छात्रों का कहना है कि वर्षों की कड़ी मेहनत और समर्पण के बाद जब परीक्षाएं रद्द होती हैं, तो युवाओं के पास हताशा के अलावा कुछ नहीं बचता।
विपक्ष के बड़े नेताओं की गिरफ्तारी और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए बल प्रयोग व लाठीचार्ज के बावजूद युवाओं के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। बारिश और ठंड के बीच रात-रात भर जागकर पोस्टर बनाने वाले ये छात्र अब सरकार से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि सीधी जवाबदेही (Accountability) और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि देश का भविष्य कहे जाने वाले युवाओं पर लाठियाँ बरसाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का ठोस समाधान निकालना होगा।
New Delhi: दिल्ली का जंतर-मंतर इस समय युवाओं और आंदोलनकारियों के भारी गुस्से और अनोखे विरोध प्रदर्शनों का गवाह बन रहा है। प्रदर्शन स्थल पर एक ओर जहाँ महात्मा गांधी के वेश में पहुंचे एक बुजुर्ग ने अहिंसा और सत्याग्रह का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर हाथों में 'चाय बेचो देश नहीं' जैसे तीखे स्लोगन लिखे पोस्टर थमे युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं का आरोप है कि पिछले 10 वर्षों में 90 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाएं या तो लीक हुईं या रद्द कर दी गईं, जिससे देश के युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। छात्रों का कहना है कि वर्षों की कड़ी मेहनत और समर्पण के बाद जब परीक्षाएं रद्द होती हैं, तो युवाओं के पास हताशा के अलावा कुछ नहीं बचता।
विपक्ष के बड़े नेताओं की गिरफ्तारी और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए बल प्रयोग व लाठीचार्ज के बावजूद युवाओं के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। बारिश और ठंड के बीच रात-रात भर जागकर पोस्टर बनाने वाले ये छात्र अब सरकार से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि सीधी जवाबदेही (Accountability) और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि देश का भविष्य कहे जाने वाले युवाओं पर लाठियाँ बरसाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का ठोस समाधान निकालना होगा।
Location : New Delhi
Published : 22 July 2026, 3:48 PM IST