हिंदी
फिलहाल नए पुल से दिल्ली से गाजियाबाद और शाहदरा की ओर जाने वाली ट्रेनों को चलाया जा रहा है, जबकि वापसी में अभी कुछ ट्रेनें पुराने पुल से आ रही हैं। अगले करीब 20 दिनों में पुराने पुल को रेल यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद यह पुल केवल सड़क यातायात के लिए इस्तेमाल होगा।
New Delhi: दिल्ली और शाहदरा के बीच यमुना नदी पर बना यह मशहूर ‘लोहा पुल’ केवल एक रेलवे ब्रिज नहीं, बल्कि एक पूरे युग का गवाह रहा है। 150 साल से भी अधिक समय तक उत्तर भारत को पूर्वी भारत से जोड़ने वाली इस लाइफलाइन ने लाखों यात्रियों और करोड़ों टन माल को अपनी मजबूत पीठ पर ढोया है, लेकिन वक्त की मार और लगातार बढ़ते ट्रैफिक के भारी दबाव ने इस लोहे के ढांचे को अब जर्जर कर दिया है। सुरक्षा कारणों और ट्रेनों की गति बढ़ाने की अनिवार्य जरूरत को देखते हुए भारतीय रेलवे ने इसे बंद करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
दिल्ली-गाजियाबाद को जोड़ने वाली यमुना नदी पर बने नए आधुनिक रेलवे पुल से ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है. अब बाढ़ या बारिश में ट्रेनों को रद्द नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही करीब 160 साल पुराना लोहे का पुल अब धीरे-धीरे इतिहास बनने की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इस पुराने पुल पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
फिलहाल नए पुल से दिल्ली से गाजियाबाद और शाहदरा की ओर जाने वाली ट्रेनों को चलाया जा रहा है, जबकि वापसी में अभी कुछ ट्रेनें पुराने पुल से आ रही हैं। अगले करीब 20 दिनों में पुराने पुल को रेल यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद यह पुल केवल सड़क यातायात के लिए इस्तेमाल होगा। यह पुराना लोहे का पुल दो मंजिला संरचना वाला है, जिसमें ऊपर से ट्रेनें गुजरती हैं और नीचे से वाहन चलते हैं। लंबे समय से जर्जर हो चुके इस पुल पर ट्रेनों की गति बेहद धीमी रखनी पड़ती थी, जिससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता थी। इसी की बगल में नया पुल बनाया गया है।
इस पुल को ब्रिटिशकाल में 1866 में बनाया गया था और इसने दिल्ली को कोलकाता से जोड़ा और वहां से आई रेलगाड़ी दिल्ली पहुंची थी। स्टील ट्रस ब्रिज है, जो कि 19वीं सदी की इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन उदाहरण है। इस पुल के ऊपरी मंजिल पर ट्रेनें चलती हैं और नीचे सडक़ यातायात चलता है. इस पुल को अब तकनीकी रूप से रिटायर किया जा रहा है और इसकी जगह पास ही में एक नया रेलवे पुल बनाया गया है। दिल्ली से प्रस्थान करने वाली सभी ट्रेनें नए बने कंक्रीट और स्टील के मजबूत पुल पर दौड़ेंगी, जिससे रेल यात्रा न केवल सुरक्षित होगी बल्कि समय की भी बड़ी बचत होगी।