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हल्द्वानी में ठहरने वाले यात्रियों के लिए आसपास मौजूद शांत और सुंदर जगहें प्रकृति का अनोखा अनुभव देती हैं। गौला बैराज से लेकर कालीचौड़ मंदिर और वन अनुसंधान केंद्र तक, ये स्थल परिवार संग सुकून से भरे पलों के लिए एकदम उपयुक्त हैं।
हल्द्वानी में घूमने लायक जगह
Nainital: दिल्ली, हरियाणा और लखनऊ जैसे बड़े शहरों की भागदौड़ से दूर कुछ सुकून भरे पल बिताने के लिए अक्सर सैलानी मुनस्यारी या अन्य बड़े पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं। लेकिन नैनीताल जिले के हल्द्वानी में ठहरने के बाद उसके आसपास बसे शांत और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थानों को देखने का अनुभव भी कम खास नहीं होता। नैनीताल के सुंदर पहाड़ों की गोद में बसे ये स्थल परिवार के साथ समय बिताने और शहर के शोर से दूर राहत के पल पाने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। यहां की ठंडी हवाएं, पहाड़ी संस्कृति की सौम्यता और प्राकृतिक शांति मन को सुकून से भर देती है।
हल्द्वानी के आसपास कई ऐसे स्थान हैं जो पर्यटकों को प्राकृतिक विरासत के करीब ले जाते हैं और उन्हें प्रकृति के बीच कुछ शांत पल बिताने का मौका देते हैं।
हल्द्वानी आने वाले पर्यटकों के बीच गौला नदी पर बना गौला बैराज तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। चारों ओर फैले पहाड़ों की सुंदरता, बहते पानी की मधुर ध्वनि और किनारे बने पार्क इस जगह को खास बनाते हैं। छुट्टी के दिनों में यहां सुबह से शाम तक परिवारों और पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ रहती है। कई लोग यहां पिकनिक मनाने आते हैं तो कुछ लोग बस नदी किनारे बैठकर प्रकृति की शांति का आनंद लेते हैं।
काठगोदाम से आगे भूजियाघाट के बाद सूर्या गांव की ओर जाने वाला इलाका हाल के वर्षों में एक आकर्षक पर्यटन क्षेत्र के रूप में उभरा है। पहाड़ी ढलानों के बीच बने रिसॉर्ट, खुले आसमान का दृश्य और घने जंगल इस जगह को बेहद खूबसूरत बनाते हैं। यहां कई एडवेंचर गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं, जो युवाओं और परिवारों दोनों को रोमांच का अनुभव कराती हैं। काठगोदाम से एचएमटी मार्ग के जरिए भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।
नैनीताल रोड पर काठगोदाम रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी आगे स्थित शीतला देवी मंदिर आध्यात्मिक शांति का अद्भुत केंद्र है। मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब सौ से अधिक सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। घने जंगलों के बीच बना यह मंदिर परिसर बेहद सुंदर और व्यवस्थित है। यहां पहुंचने पर आसपास की प्राकृतिक शांति और ठंडी हवा मन को भीतर तक सुकून देती है।
गौलापार क्षेत्र में स्थित मां काली का प्राचीन कालीचौड़ मंदिर हल्द्वानी के शांत और पवित्र स्थलों में शामिल है। मान्यता है कि सदियों पहले एक भक्त को स्वप्न में देवी ने यहां दबी अपनी प्रतिमा के बारे में संकेत दिया था। बाद में खुदाई के दौरान कई प्रतिमाएं मिलीं और उसी स्थान पर मंदिर की स्थापना हुई। जंगल के बीच स्थित यह धाम आस्था और शांति का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।
रामपुर रोड स्थित वन अनुसंधान केंद्र हल्द्वानी की कम चर्चित लेकिन बेहद महत्वपूर्ण जगहों में से एक है। यहां दुर्लभ वनस्पतियों का संरक्षण किया गया है और डायनासोर युग से जुड़े पौधों का भी संग्रह मौजूद है। परिसर में बना डायनासोर पार्क बच्चों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है। देश-विदेश से विद्यार्थी यहां अध्ययन के लिए आते हैं। परिवार के साथ यहां घूमना बच्चों के लिए एक यादगार और ज्ञानवर्धक अनुभव साबित हो सकता है।