उत्तराखंड में शिक्षा आंदोलन का बड़ा खुलासा, जनता और सरकार के बीच कानून को लेकर टकराव, जानिये पूरा मामला

उत्तराखंड में रामनगर से शिक्षा सत्याग्रह शुरू, मजबूत शिक्षा कानून लागू करने और शिक्षा को मूल अधिकार बनाए रखने की मांग जोर पकड़ रही है। आंदोलन राज्यभर में विस्तार की ओर अग्रसर है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 7 February 2026, 7:41 PM IST

Ramnagar: उत्तराखंड में मजबूत शिक्षा कानून की मांग को लेकर रामनगर से ‘शिक्षा सत्याग्रह’ की शुरुआत की जा रही है। आज लखनपुर स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और एक सशक्त, पारदर्शी एवं प्रभावी शिक्षा कानून लागू कराने के लिए शुरू किया जा रहा है।

शिक्षा व्यवसाय नहीं बल्कि मूल अधिकार

वक्ता दीप पांडे ने कहा कि शिक्षा को किसी भी कीमत पर व्यवसाय बनने नहीं दिया जाएगा। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के लिए शिक्षा को मूल अधिकार बनाए रखना है। इसके तहत अभिभावकों, छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े सभी हितधारकों के लिए समान और स्पष्ट नियम सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।

आंदोलन के चरण और विस्तार

आयोजकों ने बताया कि सत्याग्रह की शुरुआत रामनगर से हो रही है। इसके आगामी चरण नैनीताल, अल्मोड़ा और अन्य क्षेत्रों में भी आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक कार्यक्रम का नेतृत्व स्थानीय नागरिक और स्वयंसेवक करेंगे ताकि यह जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ सके।

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निजी स्कूलों की मनमानी पर चिंता

दीप पांडे ने प्रेस वार्ता में कहा कि वर्तमान समय में अभिभावकों, शिक्षकों, छात्रों, पुस्तक विक्रेताओं और परिवहन से जुड़े लोगों पर निजी स्कूलों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस मनमानी को रोकने के लिए एक ठोस और प्रभावी कानून की आवश्यकता है।

पहले से मौजूद कानून और राजनीतिक इच्छाशक्ति

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में पहले से ही केयरन–मेयर–हिल्टन एक्ट (Carey–Mayer–Hilton Act) नामक शिक्षा अधिनियम मौजूद है, लेकिन इसे अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। इस मिशन की शुरुआत हल्द्वानी से की गई है और इस संबंध में जनहित याचिका (PIL) भी दाखिल की गई है। अब बॉल सरकार के पाले में है कि वह इसे लागू करे।

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कानून लागू करने की आवश्यकता

पांडे ने कहा कि एक्ट पहले से मौजूद है, जरूरत सिर्फ राजनीतिक इच्छाशक्ति की है। इसके जरिए शिक्षा व्यवस्था को शोषण मुक्त, न्यायसंगत और सभी के लिए समान बनाया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

Location : 
  • Ramnagar

Published : 
  • 7 February 2026, 7:41 PM IST