नैनीताल के महतोली गांव में बुनियादी सुविधाओं की कड़वी हकीकत, डिजिटल इंडिया की चमक भी नहीं

नैनीताल के महतोली गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी लोगों की जिंदगी खतरे में डाल रही है। एक बुजुर्ग महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए युवाओं ने लकड़ी की डोली बनाकर कई किलोमीटर घने जंगलों और ऊबड़‑खाबड़ रास्तों से ले जाना पड़ा।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 6 January 2026, 5:50 PM IST

Nainital: नैनीताल जिले के ओखल कांडा ब्लॉक का महतोली गांव और आसपास के कई गांव यह दिखाते हैं कि तकनीक और विकास की बातें कागजों पर कितनी भी चमकदार क्यों न हों, वास्तविकता अब भी कई ग्रामीण इलाकों में चुनौतीपूर्ण है। यहां से नजदीकी मोटरमार्ग कई किलोमीटर दूर है। लोग अपने गांव से सड़क तक पहुंचने के लिए घने जंगल, ऊबड़खाबड़ रास्ते और कठिन भूभाग पार करते हैं। ऐसी मुश्किलें तब और बढ़ जाती हैं जब किसी बीमार, गर्भवती महिला या वृद्ध व्यक्ति को अस्पताल ले जाना पड़ता है।

युवाओं का पलायन और संकट

ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार की तलाश में कई युवा गांव छोड़ चुके हैं। ऐसे में अगर कोई अचानक बीमार हो जाए, तो डोली तैयार करना और पैदल कई किलोमीटर चलना भी बेहद मुश्किल हो जाता है। महतोली गांव की हालिया घटना इसका उदाहरण है।

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महतोली गांव में ताजा घटना

हाल ही में गांव की एक बुजुर्ग महिला की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिवार के पास अस्पताल पहुंचने का कोई विकल्प नहीं था। गांव के कुछ युवाओं ने मिलकर एक कुर्सी पर लकड़ियों का सहारा देकर डोली बनाई। इसके बाद बमुश्किल बुजुर्ग महिला को मुख्य सड़क तक ले जाया गया, जहां से वाहन के माध्यम से अस्पताल पहुँचाया गया।

सामान्य समस्याएं और क्षेत्रीय असमानता

ऐसी घटनाएं केवल महतोली गांव तक सीमित नहीं हैं। उत्तराखंड के दूरदराज क्षेत्रों से रोजाना इसी तरह की कहानियां सामने आती रहती हैं। जब बुनियादी सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पातीं, तो यह सवाल उठता है कि “डिजिटल इंडिया की चमक इन गांवों तक कब पहुंचेगी।”

सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व

विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ग्रामीण जीवन को असुरक्षित बना रही है। यहां की कठिन भौगोलिक स्थिति और सरकारी योजनाओं की धीमी पहुँच ने ग्रामीणों की जिंदगी में कई वर्षों से संघर्ष बढ़ा दिया है।

राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौती

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, कई योजनाओं का लाभ गांव तक पहुँचाना मुश्किल है। ग्रामीण इलाकों में आपातकालीन परिवहन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कमी मुख्य बाधा बनी हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि केवल डिजिटल योजनाएं और तकनीकी विकास, वास्तविक जीवन की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते।

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समाज और जागरूकता

गांववासियों का कहना है कि सामाजिक सहयोग से संकट टाला जाता है, लेकिन यह अस्थायी उपाय हैं। सरकार और प्रशासन को ठोस कदम उठाकर सड़कों, अस्पतालों और रोजगार के स्थायी साधन प्रदान करने होंगे, ताकि ग्रामीण इलाकों में जीवन सुरक्षित और सुचारू रूप से चल सके।

Location : 
  • Nainital

Published : 
  • 6 January 2026, 5:50 PM IST