हरिद्वार के जमालपुर-उषा टाउन ऑफिस में अवैध कॉलोनी और भूमि घोटाले की जांच के दौरान हमला, फायरिंग और घायल। HRDA ने बताया सुनियोजित हिंसा, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पुलिस ने जांच तेज की।

अवैध कॉलोनी विवाद
Haridwar: हरिद्वार के जमालपुर–जियापोता मार्ग पर अवैध कॉलोनी और भूमि घोटाले की शिकायत के दौरान बड़ा बवाल हो गया। शिकायतकर्ता अतुल चौहान और HRDA (ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स असोसिएशन) ने मौके पर जांच शुरू की थी, तभी स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
जमालपुर स्थित उषा टाउन ऑफिस के बाहर जांच के दौरान अचानक हंगामा और विवाद उत्पन्न हो गया। आरोप है कि स्वामी यतीश्वरानंद और अमित चौहान की खुलेआम गुंडागर्दी के चलते जांच में बाधा आई। कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
अतुल चौहान का आरोप है कि ग्राम समाज की सैकड़ों बीघा भूमि पर अवैध कब्जा रोकने के प्रयास के कारण उन पर जानलेवा हमला किया गया। आरोपी अमित चौहान और उनके साथियों ने अतुल चौहान और अन्य व्यक्तियों पर हमला बोला।
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हमले के दौरान अतुल चौहान ने दावा किया कि आत्मरक्षा में लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायर करना पड़ा। इस हमले में सचिन चौहान और कृष्ण बाल उर्फ नानू घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया।
हंगामे की तस्वीर
हमले और जांच का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। स्थानीय पुलिस ने CCTV और वीडियो फुटेज के आधार पर मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।
अतुल चौहान और HRDA का आरोप है कि शिकायत दबाने के लिए सुनियोजित हिंसा की गई। उनका कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि भूमि और कॉलोनी घोटाले की जांच को प्रभावित करने के लिए की गई थी।
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आज मातृ सदन द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें पूरे मामले से जुड़े आरोप और साक्ष्य सार्वजनिक किए जाएंगे। मातृ सदन ने कहा कि जनता को घटनाक्रम की पूरी जानकारी मिलनी चाहिए और दोषियों को न्याय दिलाना प्राथमिकता है।