हल्द्वानी में एक युवक के साथ फर्जी SBI YONO ऐप के जरिए 1.87 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही बैंकिंग जानकारी हैक कर रकम अज्ञात खातों में ट्रांसफर कर दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

हल्द्वानी में फर्जी ऐप से लाखों की साइबर ठगी (Img- Internet)
Nainital: हल्द्वानी के कमलुवागांजा साईपुरम निवासी गौरव साइबर ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने बताया कि उनका खाता State Bank of India की कुसुमखेड़ा शाखा में है। कुछ दिन पहले उन्होंने प्ले स्टोर से एसबीआई योनो ऐप डाउनलोड करने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके।
अगले दिन उनके मोबाइल नंबर पर एक संदिग्ध लिंक आया। लिंक पर क्लिक करते ही वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ गए, जिसमें कई अज्ञात नंबर शामिल थे। ग्रुप में साझा किए गए लिंक पर क्लिक करने पर उन्हें प्ले स्टोर जैसी दिखने वाली नकली योनो ऐप पर रीडायरेक्ट किया गया।
नकली ऐप पर ‘अपडेट’ के नाम पर उनसे बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी मांगी गई। जानकारी भरते ही उनके मोबाइल पर एसबीआई योनो से संबंधित ओटीपी आने लगे। उन्हें समझने का मौका मिलता, उससे पहले ही साइबर ठगों ने उनके खाते से रकम निकालनी शुरू कर दी।
State Bank of India (Img- Internet)
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उसी दिन उनके खाते से पहले 50 हजार रुपये ट्रांसफर हुए। इसके बाद 42,575.87 रुपये और 89,710.77 रुपये समेत कुल 1,87,286.64 रुपये इंटरनेट बैंकिंग के जरिए अज्ञात खातों में भेज दिए गए। रकम निकलने का मैसेज आने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं रेंज में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही बैंकिंग ऐप डाउनलोड करें और किसी के साथ ओटीपी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साइबर अपराधी हूबहू दिखने वाली फर्जी वेबसाइट और ऐप बनाकर लोगों को झांसा दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि डिजिटल युग में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।