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देहरादून के डोईवाला में उपखंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह बिष्ट को विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एक स्कूल को ग्रेड देने के बदले एक लाख रुपये की मांग की गई थी। शिकायत के बाद टीम ने ट्रैप बिछाकर नेपाली फार्म के पास आरोपी को दबोचा, अब मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
उपखंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह बिष्ट गिरफ्तार
Doiwala: उत्तराखंड में देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। यहां तैनात उपखंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह बिष्ट को विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी अधिकारी ऋषिकेश क्षेत्र के एक स्कूल को ग्रेड देने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। स्कूल प्रबंधन इस मांग से परेशान था, जिसके बाद उन्होंने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया और पूरी जानकारी साझा की।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी योजना तैयार की। ट्रैप के तहत शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ भेजा गया और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
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बताया जा रहा है कि धनवीर सिंह बिष्ट अपनी निजी गाड़ी से नेपाली फार्म के पास रिश्वत लेने पहुंचा था। जैसे ही उसने विजिलेंस द्वारा चिन्हित किए गए नोट अपने हाथ में लिए, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई, ताकि आरोपी को भनक तक न लगे।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को रायवाला कोतवाली ले जाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। हालांकि, विजिलेंस की इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ती है और ईमानदार अधिकारियों का मनोबल भी मजबूत होता है। अब सभी की नजर इस मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।